उद्धव ठाकरे और राज्यपाल के बीच ऐसा क्या हुआ,जिससे उद्धव ठाकरे को करना पड़ा पीएम मोदी को फोन

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महाराष्ट्र में कोरो’ना वायरस के सबसे अधिक मरीज मिले हैं. जिसकी वजह से वो काफी चर्चा में था. इसके अलावा अभी मुंबई के पालघर में दो साधुओं की नि’र्मम ह’त्या को लेकर भी उद्धव ठाकरे सरकार पर उँगलियाँ उठ रही थी. आज भी महाराष्ट्र चर्चा में बना हुआ है. आज का मामला है उद्धव और वहां के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के बीच अ’नबन को लेकर.

महराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री तो बन गए लेकिन वो कोई भी चुनाव नहीं जीते हैं. तो उनको नियम के अनुसार 6 महीने के अंदर विधान परिषद से जीत कर सदन में जाना होता हैं. परन्तु कोरो’ना वायरस के क’हर के बीच अब चुनाव हो पाना मुश्किल हैं. उद्धव कैबिनेट ने अपने को एमएलसी नामित करने के लिए दो बार प्रस्ताव पास कर राज्यपाल के पास भेजा. लेकिन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया है.

जिसकी वजह से संवैधानिक सं’कट गहराता जा रहा है और उद्धव की कुर्सी पर भी ख’तरा मं’डराने लगा है. उद्धव और राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के बीच त’नात’नी बढती जा रही हैं. इसी बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल से इतर हट कर उन्होंने मंगलवार की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर राज्य की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की.

सूत्रों के हवाले से ये खबर आ रही हैं कि उद्धव ठाकरे ने पीएम मोदी को फोन कर महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर बात की. इस दौरान उद्धव ने कहा कि ‘इस महत्वपूर्ण समय में राज्य में राजनीतिक अस्थिरता सही नहीं है. इससे राज्य में गलत संदेश जाएगा, जिससे बचना चाहिए.’ इस पूरी मामले को जानने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्धव को आश्वासन दिया है कि वो जल्द से जल्द इस मामले को देखेंगे.

उद्धव किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. जिसकी वजह से उद्धव ठाकरे और भगत सिंह कोश्यारी के बीच अ’नब’न बढ़ रही है. उद्धव ने दो पार प्रसताव भेजा है लेकिन कोश्यारी ने उस पर अभी तक कोई भी जवाब नहीं दिया हैं.अब देखने वाली बात ये है कि क्या उद्धव अपनी कुर्सी बचा पाते हैं या नहीं?