चुनाव जीतने के बाद उद्धव ठाकरे का पहला बयान खड़ी कर सकता है बीजेपी के लिए मुसीबत

2015

महाराष्ट्र चुनाव के नतीजे सामने आ गये हैं. भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के गठबंधन को बहुमत मिल गया है. महाराष्ट्र में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और शिवसेना दुसरे नंबर पर, एनसीपी तीसरे नंबर पर और चौथे नंबर पर कांग्रेस आई है. वैसे तो बीजेपी और शिवसेना के गठबंधन को सरकार बनाने का मौका जरूर मिल सकता है लेकिन एक पेंच सरकार बनने में फंस सकता है.

दरअसल आज सुबह से शिवसेना के नेता संजय राऊत ने इस तरफ इशारा किया कि शिवसेना बीजेपी का साथ तभी देगी जब 50-50 फार्मूले पर सरकार बनेगी. इसका मतलब इस तरह से देखा जा रहा है कि ढाई साल शिवसेना और ढाई साल बीजेपी का मुख्यमंत्री महाराष्ट्र में होगा. वहीँ शिवसेना मुख्यमंत्री पद की भी मांग लगातार किये जा रही है. जानकारों का कहना है कि शिवसेना ऐसा इसलिए कह रही है कि कम से कम अंत में जाकर उपमुख्यमंत्री की कुर्सी तो मिल ही जायेगी.

शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने प्रेस कांफ्रेस कर साफ़ कर दिया है कि शिवसेना 50-50 के फार्मूले पर ही बात करेगी. मतलब आने वाले समय में शिवसेना और बीजेपी के बीच सरकार बनाने को लेकर बवाल हो सकता है या फिर तनाव की स्थिति भी पैदा हो सकती है. बीजेपी की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार देवेन्द्र फडणवीस और शिवसेना की तरफ से उद्धव ठाकरे ने वोटरों का अभिवादन किया है.

वैसे शिवसेना के लिए एक ख़ुशी की बात ये है कि शिवसेना को ठाकरे खानदान से पहला विधायक मिल गया है. दरअसल ठाकरे परिवार में से आदित्य ठाकरे ने पहली बार चुनाव लड़ा और जीता भी. आदित्य ठाकरे वरली विधानसभा से चुनाव में उतरे थे. खैर इन सबके बावजूद शिवसेना की मांग से बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह नाराज भी हो सकते है.