उद्धव ठाकरे की एनपीआर को लेकर कांग्रेस को खरी-खरी- NPR पर नहीं चलेगी आपकी मनमर्जी

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महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनाव के बाद सरकार बनाने को लेकर शिवसेना काफी खींचतान की लेकिन बीजेपी ने उद्धव ठाकरे की शर्त को मंजूर नहीं किया. दरअसल राज्य में बीजेपी सबसे ज्यादा सीटें लेकर आयी और शिवसेना दूसरे नम्बर पर थी. इसके बाद उद्धव ने शर्त रख दी कि वह सीएम बनेंगे तब ही बीजेपी को समर्थन देंगे जिसपर बीजेपी ने साफ इंकार कर दिया. काफी खींचतान के बाद शिवसेना ने एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन करके सरकार बना ली.

जानकारी के लिए बता दें शिवसेना के इस फ़ैसले के बाद हर किसी को हैरानी हो रही थी कि आखिर शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन कैसे कर सकती है क्योंकि शिवसेना बिलकुल विपरीत विचारधारा से संबंध रखती है. सरकार बने अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है और तीनों दलों के बीच आंतरिक कलह की खबरें हर दिन सामने आ रही हैं.

दरअसल एनपीआर लागू करने को लेकर शिवसेना की एनसीपी और कांग्रेस लगातार खींचतान मची हुई है. एक तरफ एनपीआर को लेकर शिवसेना प्रमुख और सीएम उद्धव ठाकरे ने कह रहे हैं कि राज्य में एनपीआर लागू होने से उन्हें कोई समस्या नहीं है तो वहीं कांग्रेस और एनसीपी इसका लगातार विरोध कर रही हैं. उद्धव ठाकरे के इस बयान के बाद कांग्रेस आलाकमान ने बुधवार को आपत्ति जताई है. अब इस मुद्दे को लेकर तीनों दलों में तकरार बढ़ सकता है.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस को खरी-खरी सुनाते हुए कहा है कि एनपीआर पर आपकी मनमर्जी नहीं चलेगी. गठबंधन में हैं तो तीनों दल इस बात का फैसला करेंगे. वहीं महाराष्ट्र कांग्रेस कमेटी के महासचिव मल्लिकार्जुन ने ने मीडिया से बात करते हुए साफ कहा है कि “हमारा रुख पूरी तरह साफ है। हम एनपीआर लागू नहीं करेंगे। वह जो कह रहा है वह उनका पक्ष है। हम उन्हें (ठाकरे) बताएंगे कि निर्णय तीनों पक्षों को एक साथ लेना चाहिए क्योंकि यह तिरंगा का फैसला है, अकेले भगवा का नहीं। जब तक तीनों पक्ष मिलकर फैसला नहीं लेते हैं, उन्हें राज्य में एनपीआर की अनुमति नहीं देनी चाहिए.” इस स्थिति को देखकर यही कहा जा रहा है कि गठबंधन में तकरार बढ़ सकता है.