सोनिया गाँधी के बारे में उद्धव ठाकरे ने कहा था कुछ ऐसा, जिसे सुन कांग्रेस को चुल्लू भर पानी में डूब म’रना चाहिए

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अर्नब गोस्वामी ने सोनिया गाँधी को रोम से आई इटली वाली कह दिया तो कांग्रेस तिलमिला गई और अर्नब की गिरफ्तारी की मांग करने लगी. लेकिन आज कांग्रेस महाराष्ट्र में बहुत ही बेशर्मी के साथ उसी उद्धव ठाकरे के साथ सरकार चला रही है जिन्होंने सोनिया गाँधी के लिए हुस्‍ने-मिस-फिरंग जैसे आपत्तिजनक शब्द का प्रयोग किया था. लेकिन अब कांग्रेस को उद्धव के इस शब्द से कोई आपत्ति नहीं क्योकि उसे सत्ता में सुख भोगने का मौका मिल रहा है. सत्ता की मलाई खाने के लिए कांग्रेस उसके साथ भी हाथ मिला सकती है जिसने उनकी राजमाता का अपमान किया हो.

हुस्‍ने-मिस-फिरंग ये शब्द खुद उद्धव ठाकरे ने प्रयोग किया था साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की बुरी हार हुई थी. अगस्त महीने में उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र सामना में एक सम्पादकीय लिखा था और उसका शीर्षक था हुस्‍ने-मिस-फिरंग. उस सम्पादकीय में उन्होंने लिखा था, ‘कांग्रेस की फिरंगी अध्‍यक्षा सोनिया गांधी के नेतृत्‍व में कांग्रेस भयंकर गश की शिकार है. किसी में दम नहीं कि फिरंगी अध्‍यक्षा के समक्ष सत्‍य बयानी कर सके.

2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद समीक्षा के लिए पार्टी ने एके एंटनी समिति का गठन किया था. दो महीनों बाद समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी तो उसमे सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी दोनों को क्लीनचिट दे दी गई थी. उसी पर तंज कसते हुए उद्धव ठाकरे ने सामना में लिखा, ‘अकबर इलाहाबादी कह रहे थे कि फिरंगी के चक्‍कर में पड़ने से जो गश खाएगा, उसके होश में आने में भी खासा समय जाएगा. कांग्रेस की फिरंगी अध्‍यक्षा सोनिया गांधी के नेतृत्‍व में कांग्रेस भयंकर गश की शिकार है.’

सम्पादकीय में राहुल गाँधी पर भी हमला करते हुए उद्धव ठाकरे ने लिखा था, ‘कांग्रेसी ठंडा करके खाओ की नीति अपनाते हैं. पराजय को ठंडा करके ही पचाना चाहते हैं. इस ठंडी नीति से फिरंगी अध्‍यक्षा के युवराज का लाभ है. पराजय के बाद कई राज्‍यों से राहुल गांधी के नेतृत्‍व पर सवाल दागे गए. राहुल गांधी के खिलाफ उठती आवाज को दबाने के लिए कांग्रेस ने एके एंटनी की अध्‍यक्षता में एक समिति गठित की.’

उद्धव ठाकरे ने तो यहाँ तक लिख दिया कि कांग्रेसी इतने निर्वीर्य हैं कि उनसे किसी भी प्रकार के पौरुष की अपेक्षा करना बेमानी है. कांग्रेस की सत्ता का लोभ देखिये, महाराष्ट्र में सत्ता की मलाई खाने के लिए उसी उद्धव ठाकरे के पीछे खड़ी हो गई. वही कांग्रेस आज रोम से आई इटली वाली कहने के कारण अर्नब को गिरफ्तार करने की मांग कर रही है. सोशल मीडिया पर अब सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या कांग्रेस अब उद्धव ठाकरे को गिरफ्तार करने की मांग करेगी, आखिर उन्होंने ने भी तो कांग्रेस की राजमाता का अपमान किया था.