CM बनते ही उद्धव ठाकरे ने कई विकास परियोजनाओं को समीक्षा के नाम पर रोका

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कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाते ही उद्धव ठाकरे पूरे फॉर्म में आ गए और उन्होंने एक एक कर उन सभी विकास योजनाओं पर रोक लगा दी जो बतौर मुख्यमंत्री रहते पिछले 6 महीनों में देवेन्द्र फडनवीस ने शुरू किया था. उद्धव का आदेश है कि सभी योजनाओं की समीक्षा की जायेगी और जब तक महागठबंधन की सरकार मंजूरी नहीं देती तब तक किसी भी योजना को फंड जारी न किया जाए.

उद्धव सरकार ने अपने रडार पर जिन विकास परियोजनाओं को लिया है उनमे से कई परियोजनाएं केंद्र सर्कार की महत्वकांक्षी परियोजनाएं हैं. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का कहना है कि सभी परियोजनाओं की समीक्षा कि जायेगी उसके बाद ही आगे कोई कदम उठाया जाएगा.

मुंबई से अहमदाबाद तक बुलेट ट्रेन दौड़ाना केंद्र सरकार की सबसे महत्वकांक्षी परियोजना है. देवेन्द्र फडनवीस के कार्यकाल में बुलेट ट्रेन के लिए जमीन अधिग्रहण का कम किया जा रहा था लेकिन अब उद्धव ठाकरे ने सत्ता सँभालते ही समीक्षा करने के नाम पर रोड़े अटका दिए हैं.  उन्होंने कहा, “बुलेट ट्रेन परियोजना को किसानों और आदिवासियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा, जिनकी भूमि अधिग्रहीत की जानी है. यह सरकार आम आदमी की है। हम बुलेट ट्रेन (परियोजना) की समीक्षा करेंगे.”

प्रतीकात्मक तस्वीर

हालाँकि वो ये भी कहते हैं कि उन्होंने इस परियोजना को रोका नहीं है. लेकिन ये किसी से छुपा नहीं है कि जब केंद्र सरकार ने बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम करना शुरू किया था तो कांग्रेस ने इसका कितना विरोध किया था. अब वही कांग्रेस महाराष्ट्र में उद्धव सरकार की सहयोगी है.

बुलेट ट्रेन परियोजना के अलावा मुंबई-नागपुर समृद्धि कॉरिडोर, वर्सोवा-बांद्रा सी लिंक परियोजना, ठाणे क्रीक पर तीसरे पुल का निर्माण और दक्षिण मुंबई को पश्चिमी उपनगरों से जोड़ने वाली तटीय सड़क परियोजना को भी समीक्षा के नाम पर रोक दिया गया है.

प्रतीकात्मक तस्वीर