राज्यपाल ने दिया उद्धव ठाकरे को झटका, अब उद्धव की CM की कुर्सी बचाने का एक ही है रास्ता

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उद्धव ठाकरे की मुख्यमंत्री की कुर्सी खतरे में पड़ गई है. पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को एमएलसी नामिल कर देंगे. लेकिन अब राज्यपाल ने इससे इनकार करते हुए चुनाव आयोग को एमएलसी चुनाव कराने का सुझाव देते हुए गेंद चुनाव आयोग के पाले में डाल दी है. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखते हुए राज्य में 9 खाली सीटों पर जल्द से जल्द चुनाव कराये जाने की मांग की है. इससे पहले राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच की तनातनी पीएम मोदी के दरबार तक पहुँच चुकी है. अगर चुनाव आयोग ने राज्यपाल का सुझाव मान लिया तो 28 मई से पहले एमएलसी के चुनाव कराये जा सकते हैं. हालाँकि ये काफी कठिन फैसला होगा क्योंकि महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के चलते हालात बेहद ही ख़राब हैं. मुंबई तो कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट बना हुआ है.

राज्यपाल कोश्यारी ने अपने पत्र में लिखा है कि चूंकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे राज्य विधानमंडल के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं और उन्हें 27 मई 2020 से पहले परिषद में चुने जाने की आवश्यकता है. ऐसे में चुनाव आयोग अपनी ओर से जल्द से जल्द इस पर फैसला करे. राज्यपाल ने अपने पत्र में ये भी कहा है कि केंद्र सरकार ने देश में लॉकडाउन के दौरान कई छूट और उपायों की घोषणा की है. ऐसे में महाराष्ट्र विधान परिषद की रिक्त सीटों के लिए भी चुनाव कराने संबंधी कुछ दिशा-निर्देश जारी किये जा सकते हैं.

आपको बता दें कि राज्य में विधान परिषद् के लिए एमएलसी का चुनाव 24 अप्रैल को होना था. उद्धव ठाकरे इसी चुनाव जे जरिये अपनी कुर्सी बचाने की कोशिश में थे. लेकिन कोरोना वायरस की वजह से चुनाव आयोग ने चुनाव स्थगित कर दिए. चुनाव स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कोशिश की कि राज्यपाल के कोटे की जो दो सीटें हैं उनमे से एक पर वो उद्धव को नामित कर दें. इसके लिए महाराष्ट्र कैबिनेट ने दो बार प्रस्ताव भी भेजा, लेकिन राज्यपाल ने उस पर कोई फैसला नहीं किया.