फ़रवरी में नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में हुए हिं’सा के बाद सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने दो चैनलों पर कारवाई करते हुए उनपर 48 घंटों का बैन लगा दिया है. इन दोनों चैनलों पर ये कारवाई दिल्ली दं’गों की पक्षपातपूर्ण और भ’ड़का’ऊ रिपोर्टिंग के लिए की गई है. ये दोनों चैनल केरल के हैं और उनके नाम है एशियानेट और मीडिया वन न्यूज. ये दोनों मलयालम न्यूज चैनल हैं.

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने दिल्ली दं’गों के दौरान सभी न्यूज चैनलों को एडवाइजरी जारी करते हुए ऐसी खबरों से परहेज करने को कहा था जिससे राष्ट्रविरोधी तत्व फायदा उठा सकें और जिससे हिं’सा भ’ड़क सके. लेकिन इन दोनों ही न्यूज चैनलों ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय की एडवाइजरी का उल्लंघन किया. मंत्रालय ने शुक्रवार को केरल से प्रसारित होने वाले दो चैनलों को गाइडलाइन्स के उल्लंघन का दोषी पाया. इसके बाद इन न्यूज चैनलों के प्रसारण पर 48 घंटों के लिए रोक लगा दी गई. ये रोक 6 मार्च शार्म 7:30 बजे से शुरू हुई जो अगले 48 घंटों तक जारी रहेगी.

दो न्यूज चैनलों पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय के इस कड़ी कारवाई से कांग्रेस भड़क गई. पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने मोदी सरकार के इस कदम को असंवैधानिक करार दिया है. चिदंबरम ने ट्वीट कर सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, ‘सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय अभियोजक, जूरी और जज सभी भूमिकाएं निभाता है. यह न्याय का मज़ाक करना है. सभी मीडिया संस्थानों को इस कदम का सख्ती से विरोध करना चाहिए. सरकार को शट डाउन ऑर्डर को तुरंत रद्द करना चाहिए. दो टीवी चैनलों के खिलाफ शट डाउन ऑर्डर प्रेस की स्वतंत्रता में असंवैधानिक दखल है.’