सरकार की सख्ती से ट्विटर की अकड़ पड़ी ढीली, RSS प्रमुख मोहन भागवत के अकाउंट से ब्लू टिक हटाने के कुछ देर बाद किया बहाल

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शनिवार की दिन ट्विटर और भारत सरकार के बीच जंग का दिन रहा. यूँ तो सरकार और ट्विटर के बीच नए नियमों को लेकर खींचतान पहले से ही चल रही है लेकिन शनिवार को ट्विटर न कुछ ऐसा कर दिया कि सरकार का पारा चढ़ गया. पहले तो ट्विटर ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के निजी अकाउंट से ब्लू टिक हटा कर उसे अनवेरिफाइड कर दिया. जब बवाल बढ़ा और सरकार ने सख्ती दिखाई तो ट्विटर ने उनके अकाउंट प् ब्लू टिक बहाल तो किया लेकिन साथ ही कुछ RSS नेताओं के अकाउंट को अनवेरिफाइड कर दिया. इसमें RSS प्रमुख मोहन भागवत का अकाउंट भी शामिल था.

ट्विटर की इस हरकत से भाजपा और संघ समर्थकों का गुस्सा भड़क उठा. ट्विटर पर ट्विटर को ही जमकर खरीखोटी सुनाई जाने लगी. सरकार ने भी नए नियमों को लेकर ट्विटर को आखिरी नोटिस भेज दिया. हर तरफ से घिरता देख ट्विटर को बैकफुट पर आना पड़ा और फिर RSS नेताओं के अकाउंट पर ब्लू टिक बहाल करना पड़ा. जब से केंद्र की तरफ से नए आईटी नियम लागू किए गए हैं, ट्विटर की बौखलाहट साफ महसूस की जा सकती है.

वेंकैया नायडू के अकाउंट को अनवेरिफाइड किये जाने पर सफाई देते हुए ट्विटर प्रवक्ता ने कहा कि ‘जुलाई 2020 से अकाउंट इनएक्टिवेट है. हमारी सत्यापन नीति के अनुसार अगर अकाउंट इनएक्टिवेट हो जाता है तो ट्विटर ब्लू टिक और वेरिफाइड स्टेटस हटा सकता है’ लेकिन ट्विटर की मंशा पर शक पैदा होता है क्योंकि कई ऐसे नेता है जो कई सालों से एक्टिवेट नहीं है फिर भी उनपर ब्लू टिक बहाल है.