राफेल पर द हिन्दू के आर्टिकल का पूरा सच

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राफेल को लेकर छिड़ा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है… राहुल गाँधी ने एक बार फिर प्रेस कांफ्रेंस की और बड़े अखबार की कटिंग को लहराया …राफेल मामले में इस डॉक्यूमेंट के आने से मीडिया में हडकंप मच गया …आईये जानते है ..क्या है वो डॉक्यूमेंट…जो ये प्रेस कांफ्रेस की गई थी वो एक The Hindu कटिंग के अधार पर की गये थी…जिसके बाद ANI ने पूरा और बिना क्रॉप लैटर पब्लिस किया है ..The Hindu News Paper के सीनियर जर्नलिस्ट N राम ने अपनी इस रिपोर्ट में या यूँ कहे इस फेक न्यूज़ में दावा किया है कि Defence Ministery ने इसको लेकर आपत्ति जताई कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने राफेल विमान सौदे को लेकर फ्रांस के साथ बातचीत की जिससे इस बातचीत में Defence Dinistery का पक्ष कमजोर हुआ… दरअसल The hindu में Defence Ministery की जो रिपोर्ट प्रकाशित हुई है ..उसमें letter का निचला हिस्सा नहीं है..उसे क्रॉप कर दिया है ….जबकि Defence Ministery की नोट में कहा गया है कि पीएमओ और फ्रांस के राष्ट्रपति का कार्यालय केवल इस डील की प्रगति की निगरानी कर रहा है जोकि देश के PM होने के नाते वो निगरानी रख भी सकते है .

लेकिन हाथ से लिखे गए इस नोट को रिपोर्ट में जगह नहीं दी गई है…. इसमें यह कहीं नहीं लिखा है कि इस डील के लिए पीएमओ ओर फ्रांस की सरकार के बीच लगातार बातचीत चल रही थी… इसमें सिर्फ यही लिखा है कि दो सरकारें केवल इस राफेल डील की प्रगति की निगरानी कर रही हैं…. इस रिपोर्ट का निचला हिस्सा पढ़ने से इस पूरे मामले की एक दूसरी तस्वीर बिलकुल साफ़ होती है.. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सरकार को नीचा दिखाने या उसे शर्मसार करने के लिए यह रिपोर्ट लीक की गई..? क्या अखबार ने यह रिपोर्ट प्रकाशित करने से पहले यह सुनिश्चित किया कि उसे पूरा नोट सौंपा गया है? क्या उसने सरकार पर गंभीर आरोप लगाने वाली इस रिपोर्ट की सच्चाई जानने के लिए रक्षा मंत्रालय या रक्षा मंत्री से संपर्क किया? रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट कहा है कि इस बारे में The Hindu News Paper ने उनकी राय जानने की कोशिश नहीं की ?


इस रिपोर्ट में तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का बयान भी नहीं है… पर्रिकर का बयान भी Defence Ministery की इस रिपोर्ट में है… लेकिन उनकी बात को The Hindu न्यूज़ पेपर में जगह उसको नहीं दी गई है….कुछ दिन पहले ही राहुल गाँधी मनोहर पर्रिकर मिलने गये थे उनकी बीमार होने की वजह से हालचाल लेने के लिए ..उसके बाद आते ही एक प्रेस कांफ्रेंस और उसके बाद मनोहर पर्रिकर का लैटर भी आया था की अप मेरी बीमारी का फ़ायदा उठा रहे है ..आपको शर्म आनी चाहिए …लैटर के बाद बदल कर कहते है कि मेरी राफेल के बारे में उनसे कोई बात नहीं हुई थी ..लेकिन मोदी के ani को इंटरव्यू देने के बाद जो सवाल उठाया जा रहा था… कि स्मिता प्रकाश एक pliable journalist है ..लेकिन N ram जो कि मैनेजिंग डायरेक्टर है .. THE Hindu नाम के अखबार ..और जब इतने सीनियर जौर्नालिस्ट एक रिपोर्ट छापते है …कि PMO दखलअंदाजी कर रहा है राफेल को लेकर ..जोकि लैटर डिफेन्स मिनिस्टरी की ओंर गया था ..तो उसे क्यों क्रॉप ,करके पब्लिश किआ गया .. उन पर अब कोई क्यों ,सवाल नहीं उठा रहा है ?

ऐसा ही एक फेक न्यूज़ होम मिन्स्टर राजनाथ सिंह के खिलाफ आउटलुक ने पब्लिस की थी ..कि उन्होंने कहा कि देश को 800 साल बाद हिंदू शासक मिला है… वही राजनाथ सिंह ने लोक सभा में सफाई देते हुए कहा था कि 800 साल वाली बात उन्होंने कभी नहीं कही…बाद में आउटलुक ने स्वीकार किया कि उसने राजनाथ के नाम से गलत बयान पब्लिस हो गया … और आउटलुक ने गलत बयान पब्लिस करने के लिए राजनाथ सिंह माफ़ी मांगी थी.. माफ़ी मागने या एक छोटा माफीनामा छापने से फैलाई हुई फेक न्यूज़ लोगों के दिमाग से इतने जल्दी नहीं निकल सकती ..और इसके साथ साथ आपकी credibility पर भी सवाल उठते है …