इस ट्रेन का नाम बदलकर रेल मंत्री ने सबको हैरान कर दिया

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आजकल सिर्फ रोहित शर्मा और विराट कोहली ही धुआंधार बैटिंग नही कर रहे है… बल्कि भारतीय रेलवे भी फुल फॉर्म में है… रोज रेलवे को लेकर एक बड़ी खबर सामने आती है… और फिर लगता है देश बदल रहा हो या ना बदल रहा हो … लेकिन रेलवे जरूर बदल रहा है… फिलहाल ताजा खबर ये है कि लम्बे वक़्त से जिस ट्रेन 18 का वेट किया जा रहा था वो अब पटरी पर दौड़ने के लिए बिल्कुल तैयार है.मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रेल मंत्रालय एक सप्ताह के भीतर अपनी सबसे महत्वपूर्ण ट्रेन 18 का संचालन शुरू कर देगा। संचालन के लिए इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर जनरल ने तीन दिन के हार्ड ट्रायल के बाद ऑफिसियल परमिशन दे दी है। रेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक सप्ताह के भीतर ट्रेन-18 को हरी झंडी दिखाकर इसके संचालन की शुरुआत कर सकते हैं।

रेल मंत्री ने ट्वीट करके बता दिया है कि ट्रेन नई दिल्ली से पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के बीच चलेगी। इसका किराया शताब्दी एक्सप्रेस से करीब 40-50 % ज्यादा होगा। इसी महीने रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ट्रेन-18 नई दिल्ली और वाराणसी के बीच चलेगी।यह ट्रेन 755 किलोमीटर की दूरी 8 घंटे में तय करेगी।

यह ट्रेन केवल कानपुर और प्रयागराज रुकेगी। इससे पहले इस रूट की जो सबसे फ़ास्ट ट्रेन है उसे ये दूरी तय करने में 11 घण्टे लगते है.इस ट्रेन के एग्जिक्यूटिव क्लास का किराया 2,800 रुपये से 2,900 रुपये के बीच और चेयर कार का किराया 1,600 रुपये से 1,700 रुपये के बीच हो सकता है…ट्रेन के निर्माण पर 97 करोड़ रुपये खर्च आया था… यह ट्रेन अधिकतम 200 किलोमीटर की रफ्तार से चल सकती है। ट्रेन 18 में कुल 16 कोच हैं। इस ट्रेन को 18 महीने में तैयार किया गया है इसीलिए इसे ट्रेन 18 के नाम से बुलाया जा रहा रहा था…लेकिन अब रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इसका नाम बदल कर “वन्दे भारत” एक्सप्रेस कर दिया… तो अब ये सबसे फास्ट ट्रेन वन्दे भारत एक्सप्रेस के नाम से जानी जाएगी….आगे चलकर ये ट्रेन 30 साल पुरानी शताब्दी ट्रेनों की जगह ले सकती है…उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की सबसे तेज ट्रेन वन्दे भारत को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से हरी झंडी दिखाएंगे। कब करेंगे अभी डेट फाइनल नही है… डेट फाइनल होते ही हम आप को बता देंगे…

अगर आप वन्दे भारत एक्सप्रेस को लेकर excited है तो आइए आपको इसकी कुछ खूबियों से रु ब रु कराते है…
इस ट्रेन के बीच में दो एक्जिक्यूटिव कंपार्टमेंट हैं।
दोनों एक्जिक्यूटिव कंपार्टमेंट में 52-52 सीटें हैं।
ट्रेन के सामान्य कोच में 78 सीटें हैं।
यह देश की पहली इंजन रहित ट्रेन होगी
मतलब इसमे इंजन नही होगा
शताब्दी की 130 किलोमीटर प्रति घंटे की जगह 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार।लंबी प्रतीक्षा के बाद देश की सबसे हाईस्पीड ट्रेन 18 (Train 18) के संचालन को मंजूरी मिल गई है, जिसके बाद जल्द ही ट्रेन पटरियों पर दौड़ने लगेगी।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रेलवे मंत्रालय एक सप्ताह के भीतर अपनी महत्वपूर्ण ट्रेन 18 का संचालन शुरू कर देगा। ट्रेन के संचालन के लिए इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर जनरल (EIG) ने तीन दिन के कड़े परीक्षण के बाद औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। रेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक सप्ताह के भीतर ट्रेन-18 को हरी झंडी दिखाकर इसके संचालन की शुरुआत कर सकते हैं।

ट्रेन नई दिल्ली से वाराणसी के बीच चलेगी। इसका किराया शताब्दी एक्सप्रेस से करीब 40-50 फीसदी अधिक है। इसी महीने रेलमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ट्रेन-18 नई दिल्ली और वाराणसी के बीच चलेगी। यह ट्रेन 755 किलोमीटर की दूरी आठ घंटे में तय करेगी। यह ट्रेन केवल कानपुर और प्रयागराज रुकेगी। वर्तमान में सबसे तीव्रगामी ट्रेन को इस दूरी को तय करने में साढ़े ग्यारह घंटे का समय लगता है। इस ट्रेन के एग्जिक्यूटिव क्लास का किराया 2,800 रुपये से 2,900 रुपये के बीच और चेयर कार का किराया 1,600 रुपये से 1,700 रुपये के बीच निर्धारित किया गया है।

ट्रेन के निर्माण पर 97 करोड़ रुपये खर्च :
बता दें कि ट्रेन 18 का निर्माण चेन्नई स्थित इंटिग्रल कोच फैक्टरी (ICF) में किया गया है। इसका परिचालन परीक्षण रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (RDSO),
लखनऊ की देखरेख में किया गया है। परीक्षण के दौरान ट्रेन का 180 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से परिचालन सफल रहा। यह ट्रेन अधिकतम 200 किलोमीटर की रफ्तार से चलने में सक्षम है। ट्रेन 18 में कुल 16 कोच हैं। इस ट्रेन को 18 महीने में तैयार किया गया है और इसके निर्माण पर 97 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। भविष्य में ये ट्रेन 30 साल पुरानी शताब्दी ट्रेनों की जगह लेगी।

दिसंबर में चलाने की थी तैयारी : गौरतलब है कि ट्रेन 18, नवंबर-2018 में दिल्ली पहुंची थी।
इसके बाद दिसंबर तक इस ट्रेन का ट्रायल रन किया गया। इस ट्रेन को पहले 25 दिसंबर और फिर 29 दिसंबर 2018 से चलाने की योजना थी। उम्मीद की जा रही थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन-18 को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से हरी झंडी दिखाएंगे। हालांकि, इन दोनों तिथियों पर ट्रेन-18 का संचालन शुरू नहीं हो सका। इसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि मकर संक्राति से पहले दिल्ली-वाराणसी के बीच इस ट्रेन का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

ट्रेन 18 की खासियतें :
इस ट्रेन के मध्य में दो एक्जिक्यूटिव कंपार्टमेंट हैं।
दोनों एक्जिक्यूटिव कंपार्टमेंट में 52-52 सीटें हैं।
ट्रेन के सामान्य कोच में 78 सीटें हैं।
यह देश की पहली इंजन रहित ट्रेन होगी
मतलब इसमे कोई इंजन नही होगा…जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली होगी।
तो ये थी कुछ ट्रेन 18 जो अब वन्दे भारत एक्सप्रेस के नाम से जानी जाएगी… अगर आप भी इसके मजे लेना चाहते है तो तैयार रहिये जल्द ही आपको स्पीड से खेलने का मौका मिलने वाला है….