पानी को बचाने के लिए चेन्नई वाले कैसी कैसी तरकीब अपना रहे हैं.

335

देश के कई इलाके पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं. अगर हालात पर अभी से ध्यान नही दिया गया तो आने वाला दिन और भी भयावह हो सकते हैं. वैसे तो देश के कई हिस्से पानी की कमी से जूझ रहे हैं लेकिन इस बात चेन्नई के हालात कुछ ज्यादा ही ख़राब है. लोग शहर छोड़ रहे हैं. ऐसे में वहां रह लोगों पर पानी को बचाने की बड़ी जिम्मेदारी मिल गयी है. तो आइये हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताते हैं जिससे चेन्नई के लोग पानी बचाने की कोशिश कर रहे हैं या हम यह भी कह सकते हैं किस किस तरीके से पानी बचाने की कोशिश कर रहे हैं.


बाइक्स के लिए ड्राय वॉश : ऑटोमोबाइल कंपनी रॉयल इनफील्ड के शहर में सभी 20 सेंटर हर महीने 18 लाख लीटर पानी की बचत करने के प्लान के साथ तैयार हैं. कंपनी ने बीते 26 जून को शहर के सभी सेंटरों में गाड़ी धोने के लिए पानी का इस्तेमाल बंद कर ड्राय वॉश करने को कहा है. यही नही वहां की और भी कम्पनियां ने इस तरह के प्रयोग करने पर विचार कर रही हैं. इतना ही नही फिल्म इंडस्ट्री में भी पानी बचाने की मुहीम चल रही है.

वर्क फ्रॉम होम…. पानी की कमी को देखते हुए कई आईटी कम्पनियों ने वर्क फ्रॉम से काम करने को कह दिया है,. ओल्ड महाबलीपुरम रोड चेन्नई का वह इलाका है, जहां जलसंकट की मार सबसे ज़्यादा है. इस इलाके कि जिन कम्पनियों ने वर्क फ्रॉम होम नही दिया है उसने एक फ्लोर पर टॉयलेट बना दिया है और कम पानी खर्च करने को कहा गया है. इतना ही नही इस इआके लोग वाशिंग मशीन के पानी को टॉयलेट फ्लश करने के लिए भी उपयोग कर रहे हैं.


फिल्मों की शूटिंग में पानी बंद…. फिल्मों मने बारिश के सीन लेने के लिए पानी का उपयोग पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है. शूट करने के लिए स्विमिंग पूल के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी गयी है. ऐसी स्क्रिप्ट्स पर फिल्में नहीं बनाने का फैसला किया गया है, जिनमें पानी के सीक्वेंस हैं.


बाथ टब … पेरंबूर में रहने वाले एंटनी राज और उनके परिवार ने हर दिन टब बाथ तरीके से नहाना शुरू कर दिया है. एक बड़े से तब में पूरा परिवार नहाता है और फिर उसी पानी को टॉयलेट फ्लश के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. इतना ही एसी से निकलने वाले बूँद बूँद पानी को भी लोग बाल्टी में इकट्ठा कर रहे हैं और फिर उसमें कपडे साफ़ करने, सफाई करने में इस्तमाल कर रहे हैं.


पौधों के लिए पानी : दक्षिण की मशहूर गायिका चिन्मयी श्रीप्रदा ने जून में अपने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट लिखकर अपने फैन्स को बताया कि वो पौधों के लिए फ्रेंडली डिटर्जेंट का इस्तेमाल करती हैं. वाशिंग और वाटर फ़िल्टर से बचे हुए पानी को बागवानी के लिए उपयोग कर कर रही हैं.


ये बात तो सच है कि अगर हम अभी पानी को लेकर सचेत नही हुए.. पानी बचाने के लिए मुहीम शुरू नही हुई.. पानी की बर्बादी नही रुकू तो वो दिन दूर नही है जब पूरे भारत को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ेगा. इसलिए हम जहाँ भी रहे पानी बचाने की मुहीम में लगे रहे, वरना हमारा जीवन अन्धकार में चला जाएगा.