पत्नी ने टीएमसी की पार्टी को नही दिया वोट तो पति ने पत्नी पर फेंका तेजाब

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पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ समय से राजनीतिक तौर पर लोगों में इतनी नफरत भर दी गयी है जिससे लोग एक दुसरे के खून के प्यासे हो गये हैं. चुनाव मौसम में अक्सर हिंसा देखने को मिलती हैं लोगों को धमकाया जाता है. लोगों को पीटा जाता है. एक पार्टी को वोट देने के लिए डराया जाता है. ऐसे हो रहा है ममता बनर्जी के राज में.. को लोकतंत्र बचाने की बात करती हैं.. ताजा मामला सामने आया है पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से जहां एक बार फिर मानवता शर्मसार हो गयी है..राजनीति को लेकर परिवार में इतनी नफरत पैदा हो जाए कि पति अपनी पत्नी के मुंह में तेज़ाब भर दे, उसे तेज़ाब पीने पर मजबूर कर दे… वो भी सिर्फ इस लिए कि पत्नी से किसी और पार्टी को वोट दे दिया.. आइये हम आपको पूरी घटना बताते हैं.. दरअसल मुशिर्दाबाद में कुछ दिन पहले हुई वोटिंग में बवाल देखने को मिला था.. हिसा फैली थी.. वोट देने से रोकने के लिए बम तक फोड़े गये थे.. लेकिन अब खबर सामने आई है कि एक पति ने अपनी पत्नी को सिर्फ इस लिए तेज़ाब पिला दिया क्योंकि उसकी पत्नी ने किसी टीएमसी को वोट नहीं दिया था.. और पति टीएमसी का कार्यकर्ता था.. वो वोटिंग के बाद से ही पत्नी से नाराज थे और उस पर अत्याचार कर रहा था लेकिन खबर के अनुसार अपनी पत्नी से बदला लेने के लिए उसने तेज़ाब पिला दिया..

हालात ये हैं कि पत्नी पीड़ित महिला अंसुरा बीबी को स्थानीय अस्पताल में ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल रेफर कर दिया। अंसुरा बीबी की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीँ बेटे ने पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई है और बताया कि उसकी मां के मुंह में तेजाब डालने से पहले उसके बाल पकड़ कर घसीटा गया और उसे बुरी तरह से पीटा गया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इससे पहले भी पश्चिम बंगाल में हिंसा की कई घटनाएँ समाने आई हैं. राजनीतिक दुशमन बने लोग एक दुसरे को मार रहे हैं.. पीट रहे हैं लेकिन अब पारिवार में भी राजनीतिक मतभेद इस कदर हावी हो गया है कि अपने ही परिवार की जान लेने से नहीं चूक रहे हैं. आपको बता दें कि पिहले कुछ सालों में पश्चिम बंगाल में टीएमसी समर्थक काफी उग्र हो गये हैं.लगातार विरोधी पार्टी के कार्यकर्ताओं की हत्या कर रहे हैं. टीएमसी के अलावा किसी अन्य पार्टी को वोट ना देने की धमकी दे रहे हैं. यहाँ तक प्रचार करने वाले वाले कार्यकर्ताओं को पीट रहे हैं और सरकार इन सब बातों को लेकर कितनी एक्टिव है आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि राज्य सरकार यानी ममता बनर्जी विरोधी नेताओं की रैलियों पर रोक लगा देती है.. हेलीकाप्टर नहीं उतरने देती.. और टीएमसी कार्यकर्ताओं पर हिंसा करने का आरोप लग रहा है. वैसे हमें और आपको एक बात समझनी चाहिए कि राजनीति और नेताओं की बातों में आकर हमें अपने रिश्ते नहीं ख़राब करने चाहिए.. हो सकता है जिन दो पार्टियों को लेकर आप लड़ाई और बहस कर रहे हैं वही दोनों नेता एक साथ मिलकर सरकार चला रहे हो और आप मुंह लटका के बैठे हो….

वैसे पश्चिम बंगाल में हिंसा लगातार बढती आ रही है.. शायद ही कोई चुनाव हो जब हिंसा ना हुई हो.. गौर करने वाली बात तो यह भी है कि अगर चुनाव से जुडी कोई हिंसा या हत्या की खबर आती है तो उसमें कहीं ना कहीं टीएमसी के कार्यकर्ताओं का जिक्र जरूर होता है. ये चिंता का विषय है. खैर माना तो यह भी जाता है पश्चिम बंगाल में बीजेपी की बढती पकड टीएमसी के नेताओं को सत्ता गंवाने का डर सता रहा है, इसी वजह से वे लोगों को डराने और धमकाने में लगे हुए हैं