उन्नाव केस में चश्म’दीद का बयान आपको हिला कर रख देगा

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”हम बुरी तरह डर गए थे, बुरी तरह जले हुए जिस्म के साथ वो दौड़ी चली आ रही थी उसके शरीर से अब भी धुँआ निकल रहा था.. लग रहा था जैसे कोई सीधा भट्टी से निकलकर आया हो.. पहले हमें लगा कि हो न हो ये कोई चुड़ैल होगी इसी डर के चलते हमने अपने अपने डंडे उठाये और दौड़ लगा दी.. हम इतने डरे हुए थे कि उस जली हुई लड़की से मुकाबला करने के लिए भी तैयार हो गये और आवाज लगाने लगे.. कुल्हाड़ी लेकर जल्दी आओ.. कोई कुल्हाड़ी लाओ”  

ये वो कहानी है जो उन्नाव रे’प पीडि’ता के जिन्दा जलाये जाने के बाद दौडकर जिंदगी की भीख मांगती, आखिरी सांसे भरती, पीडिता को देखकर चश्मदीदों ने सुनाई.. घटना के चश्मदीद रविन्द्र के मुताबिक वो लड़की करीब एक किलोमीटर तक जलते हुए जिस्म के साथ दौड़ी और फिर उनके पास गिरते पड़ते मदद के लिए पहुंची.. ये बात कहते हुए रविन्द्र के गले रूंध गया.. रविन्द्र ने  खुद की किसी तरह सँभालते हुए आगे बताया कि लड़की ने जलने के बाद खुद ही 100 नंबर डायल करके पुलिस को इस वारदात की सूचना दी और जिसके बाद कहीं जाकर पुलिस और पीआरवी की टीम घटनास्थल पर पहुंची..   

रविन्द्र के मुताबिक़ वो लड़की इतनी बुरी तरह जली हुई थी कि पुलिस के उसको ले जाने के बाद भी उनके जेहन से डर निकल नहीं पा रहा है.. जब पूरे तरीके से जले शरीर के साथ वो लड़की वहां रुकी तो उन लोगों ने उसे फोन दिया और तब कहीं जाकर पुलिस को इसकी जानकारी हुई.. जब हमें इसके पीछे की सच्चाई पता चली तो हमारे अंदर गुस्से का गुबार फूटा.. कि एक लड़की जिसके साथ इतनी बेहूदगी की गयी.. जब वो कोर्ट में गवाही के लिए जा रही थी तब भी अपराधियों ने उसे नहीं बख्शा..

हैदराबाद में अभी कुछ दिन पहले ही इस तरह की घटना हो चुकी है फिर भी अपराधियों के होंसले बुलंद हैं, इसका ठीकरा किस पर फोड़ा जाये ये भी कुछ बड़े सवाल हैं.. क्यूंकि सरकारें आतीं हैं जातीं हैं, सिस्टम बनते हैं बिगड़ते हैं, लेकिन ये समाज हमेशा रहता है… और समाज में रहते हैं ऐसे दरि’न्दे घिनोनी मानसिकता वाले लोग जिनकी मानसिक कुंठा की सभी सीमाओं को पार कर देते हैं सिर्फ अपनी हैवानि’यत के लिए..