एयर स्ट्राइक के बाद सामने आये इस सर्वे ने राहुल गांधी की नींद उड़ा दी, कांग्रेस हो सकती है परेशान

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जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं , नेताओं के बयान, वादे, लोकप्रियता और जन समर्थन को लेकर बात होने लगी है.. बात होने लगी है कि कौन सा नेता कितना लोकप्रिय है, किस नेता को लोग अधिक पसंद कर रहे हैं.. वैसे पीएम मोदी के विरोध में खड़े राहुल गांधी की लोकप्रियता को लेकर पिछले कुछ महीनों से उछाल देखने को मिल रहा था लेकिन अब चुनावों के दिन नजदीक आ रहे हैं और राहुल गांधी की लोकप्रियता के सामने आये आकडे हैरान करने वाले हैं… हाल ही में सामने आये एवीपी न्यूज के सर्वे के मुताबिक़ राहुल गाँधी की लोकप्रियता में भारी गिरावट आई है.. आइये हम आपको सर्वे में सामने आये कुछ आकडे दिखाते हैं..

1 जनवरी 2019- को हुए सर्वे में राहुल गांधी की लोकप्रियता 26% थी. नए साल की शुरुवात में ये आकडे राहुल गाँधी के चेहरे में मुस्कान लाने के लिए काफी थे लेकिन इसके ठीक एक महीने बाद जब केंद्र सरकार ने 1 फरवरी को सदन में बजट पेश किया था तो राहुल गांधी की लोकप्रियता में 4% की गिरावट देखने को मिली थी . 1 फरवरी को राहुल गाँधी की लोकप्रियता 22% पहुँच गयी थी… जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सैनिकों के काफिले पर आतंकियों ने हमला किया था जिसमें देश के लगभग 45 जवान शहीद हुए थे. इस आतंकी हमले के बाद जहां देश में मोदी सरकार से बदला लेने की मांग की जा रही थी वहीँ राहुल गाँधी की लोकप्रियता में मामूली सा इजाफा देखने को मिला था. इस दौरान राहुल गाँधी की लोकप्रियता 23% हो गयी थी…इसके बाद जब भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों पर बम बरसाए इस दौरान राहुल गाँधी की लोकप्रियता में 4 फीसदी की गिरावट आई है और मात्र 19 फीसदी लोगों ने अपना पसंदीदा नेता बताया…

वहीँ जब देश युद्ध के मुहाने पर खड़ा था.. पाकिस्तानी विमान का पीछा करते वक्त क्रैश हुए फाइटर जेट के पायलट विंग कमांडर अभिनन्दन की पाकिस्तान  से वापसी के दिन यानि एक मार्च को राहुल गाँधी की लोकप्रियता में फिर गिरावट देखने को मिली. इस समय राहुल गांधी को पसंद करने वालों की संख्या 18% फीसदी थी..

और सात मार्च को सामने आये सर्वे के मुताबिक़ राहुल गांधी की लोकप्रियता तो मात्र 16 फीसदी रह गयी है.. १ जनवरी से 7 मार्च तक 10 फीसदी की गिरावट आई है. राहूल गांधी की लोकप्रियता में बड़ी तेजी से गिरावट देखने को मिल रही हैं और चुनाव में अभी भी महीनों का वक्त हैं. ऐसे में आने वाले समय राहुल गांधी के लिए क्या आकडे सामने आते हैं.. ये देखना बेहद दिलचस्प होगा… वहीँ भारत के प्रधानमंत्री को  पसंदीदा करने वाले लोगों के आकड़ों में लगातार उतार चढाव देखने को मिल रहा है. इसी साल 14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमला हुआ. तब पीएम मोदी की लोकप्रियता 50 फीसदी थी. 26 फरवरी को जब पाकिस्तान में आतंक के खिलाफ भारतीय वायुसेना ने एयर स्ट्राइक किया  तब पीएम मोदी की लोकप्रियता 5 फीसदी बढ़कर 55 फीसदी हो गई. और सात मार्च को पीएम मोदी की लोकप्रियता 62 फीसदी दर्ज की गई.

मतलब जैसे जैसे चुनावी दिन आ रहे हैं.. सरकार फैसले ले रही हैं.. विपक्ष बयानबाजी कर रहा है… सबूत मांग रहा है.. वैसे वैसे इन आकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है.. चुनाव से जस्ट पहले राहुल गाँधी की लोकप्रियता में आई भारी कमी कांग्रेस के लिए बड़ी मुसीबत हैं और पीएम मोदी की बढ़ी लोकप्रियता से बीजेपी के लिए खुशखबरी हैं.

 इन आकड़ों के बाद विपक्ष के नेताओं को समझना चाहिए… कि अपने नेताओं की जुबान पर लगाम लगना होगा… बात बात पर सेना से सबूत की मांग करना छोड़ना होगा… पाकिस्तान की भाषा बोलने वाले नेताओं पर स्ट्राइक करना होगा…नही तो इससे भी बुरे आंकड़े सामने आये तो हैरानी नही होगी…