उत्तर प्रदेश का ये शहर हो गया हो गया है दुनिया भर में बदनाम!

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दिल्ली से बिलकुल सटा उत्तर प्रदेश का जिला गौतमबुद्ध नगर, जिसे हम नॉएडा के नाम भी जानते है. कई वजहों से ये जिला तो पूरे विश्व में जाना जाता है. बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट और प्रस्तावित जेवर एयरपोर्ट इस जिले को और भी ख़ास बना रहे हैं लेकिन पिछले कुछ समय से इस जिले जो मामले सामने आ रहे हैं उससे तो ये जिला अब घोटाला किंग बनता जा रहा है. लाइक घोटाला (Like Scam), बाइक बोट घोटाला (Bike bot Scam), भूमि घोटाला, मोबाइल रिंगिंग बेल घोटाला समेत दर्जन भर बड़ी गड़बड़ी के मामले सामने आ चुके हैं,जिससे आम लोगों को करोडो का चुना लग चुका है. अगर सभी प्रकार के घोटाले यानि जमीन और फ़्लैट को भी इसमें जोड़ दिया जाए तो घोटाला एक लाख करोड़ तक पहुँच जाएगा. पिछले एक महीने के दौरान नोएडा-ग्रेटर नोएडा शहर में तीन बड़े घोटाले सामने आ चुके हैं, जिसकी रकम 5000 करोड़ के आसपास है। इनमें बाइक बोट घोटाला सबसे बड़ा है। पुलिस के मुताबिक़ बाइक बोट घोटाला 150000 करोड़ तक पहुँच सकता है.


लाइक्स घोटाला
नॉएडा में ही लाइक घोटाला हुआ था.इस घोटाले के सामने आने के बाद भूचाल सा आ गया था. यह घोटाला सैकड़ों करोड़ से शुरू होकर 3700 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंच गया। बताया जाता है कि ये दुनिया का सबसे बड़ा ऑनलाइन फ्रॉड है, जिसमें हर दिन लोगों को 33 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया..इसके लिए इन्‍होंने वेब रोबोट्स की मदद भी ली। साइबर इनोवेशन और इंटेलिजेंस का इस्‍तेमाल करके इन लोगों ने इंटरनेट सिक्‍युरिटी को बेवकूफ बनाया और हर दिन 30 करोड़ वीडियो व्‍यूज के बहाने 33 करोड़ रुपए से ज्‍यादा की कमाई की।


रिंगिंग बेल
महज 251 रूपये में फ्रीडम 251 फोन देने का वादा करने वाली कंपनी रिंगिंग बेल्स ने कुछ ही महीनों में हजारों लोगों को बेवकूफ बनाकर करोड़ रुपये ठग लिए। फिलहाल कंपनी का प्रबंध निदेशक मोहित गोयल इस धोखाधड़ी में जेल में बंद है और पुलिस जांच कर रही है।
बाइक बोट घोटाला…संजय भाटी ने वर्ष 2010 में ही गर्वित इनोवेटव प्रमोटर्स लिमिटेड (जीआइपीएल) की शुरुआत की थी। चीती गांव में सबसे पहला इसका दफ्तर बनाया गया था। वर्ष 2017 में गैंग ने बाइक बोट स्कीम पहली बार लॉन्च की थी और उसका पहला दफ्तर नोएडा सेक्टर-15 में खुला था।


एसआइटी की जांच में अब तक 17 बैंक खातों का इस्तेमाल होने की जानकारी मिली है। उन सभी बैंक खातों की जांच कराई गई, लेकिन उन खाते में कोई विशेष रकम नहीं मिली। करीब छह सौ करोड़ रुपये दूसरी कंपनी में डायवर्ट करने की जानकारी एसआइटी को मिली है। गैंग का मुख्य आरोपित व मास्टरमाइंड संजय भाटी को पांच दिन व दूसरे आरोपित विजयपाल कसाना को 3 दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर एसआइटी पूछताछ कर चुकी है.
ये तो कुछ बड़े घोटाले है लेकिन छोटे छोटे ना जाने कितने घोटाले इस नॉएडा शहर में हुए हैं और हो रहे है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार नॉएडा में बोलते हुए कहा था….पहले नोएडा की पहचान भूमि आवंटन, टेंडर घोटाले से होते थे. पुरानी सरकारों में नोएडा ग्रेटर नोएडा को खूब लूटा गया।’ हो सकता है कि इसमें राजनीति देखी जाए, लेकिन आंकड़े तो झूठ नहीं बोलते, सरकार की किसी भी पार्टी की रही हो, घोटाले कभी नहीं रुके और अब भी जारी हैं।
तो ये थी उत्तर प्रदेश के सबसे विकसित कहे जाने वाले शहर नॉएडा की.. जहाँ इस वक्त नौकरी के लिए लोग बड़ी मात्रा में पलायन कर रहे है.