हार के बाद कांग्रेस में लगी इस्तीफों की झड़ी, अब इस बड़े नेता ने दिया इस्तीफ़ा

2944

दिल्ली विधानसभा में मिली करारी के बाद भाजपा से ज्यादा खलबली कांग्रेस में मची है. कांग्रेस में महाभारत शुरू हो गया है और इस्तीफों की झड़ी लग गई है. मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने हार की नैतिक जिंम्मेदारी लेते हुए अपना इस्तीफ़ा दे दिया था. और अब दिल्ली प्रभारी और वरिष्ठ नेता पीसी चाको ने भी अपने पद्च्से इस्तीफ़ा दे दिया. कभी 15 सालों तक दिल्ली में राज करने वाली कांग्रेस लगातार दूसरी बार खाता नहीं खोल पाई. इस बार तो उसका वोट प्रतिशत और गिर गया.

चाको ने अपना इस्तीफ़ा सौंपते हुए कहा, ‘कांग्रेस पार्टी का डाउनफॉल 2013 में शुरू हुआ, जब शीला जी सीएम थीं. एक नई पार्टी AAP ने पूरे कांग्रेस वोट बैंक को छीन लिया. तब से हम इसे कभी वापस नहीं पा सके. यह अभी भी AAP के साथ बना हुआ है.’ आपको बता दें कि इस बार कांग्रेस को महज साढ़े चार फीसदी वोट मिले हैं. पार्टी के 66 में से 63 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है.

पार्टी के 3 उम्मीदवार गांधी नगर से अरविंदर सिंह लवली, बादली से देवेंद्र यादव और कस्तूरबा नगर से अभिषेक दत्त ही अपनी जमानत बचा पाए. दिल्ली में कांग्रेस ने पहली बार राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा. पार्टी ने राजद के लिए चार सीटें छोड़ी थी. लेकिन उन चार सीटों पर राजद उम्मीदवार भी अपनी जमानत नहीं बचा पाए. इस हार के बाद कुछ वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आप की जीत से खुश नज़र आये. उन्हें इस बात की ख़ुशी थी कि भाजपा सत्ता में नहीं लौट सकी. इस पर कांग्रेस कि नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने पार्टी नेताओं को लताड़ लगाते हुए पूछा है कि क्या कांग्रेस को अपनी दुकान बंद कर लेनी चाहिए.