कांग्रेस के इन दो नेताओं ने पार्टी में मचाया बवाल, 500 लोग इस्तीफा देंगे!

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कांग्रेस ना घर की रह गयी और ना ही घाट की.. फिलहाल यही कहावत कांग्रेस पर सटीक बैठती दिखाई दे रही है… कांग्रेस के नेता बयान देते हैं फिर पलटी मारते हैं और जो नही मारते उन्हें कांग्रेस में ही दबाया जाता है या दबाने की कोशिश की जाती रही है.. ताजा उदाहरण शशि थरूर और ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं.. शशि थरूर ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ क्या की कांग्रेस से ही विरोध के सुर सुनाई देने लगे.. आखिर प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ कैसी कर दी गयी.. जो बीजेपी से आते हैं. बहुत गलत हो गया भाई बहुत गलत हो गया…दरअसल प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में अपने संबोधन में लोगों से आह्वान करते हुए कहा था कि लोग हर दिन किसी अन्य भारतीय भाषा का एक शब्द जरूर सीखें, इस पर शशि थरूर ने इस आह्वान का स्वागत किया और 3 भाषाओं में एक शब्द की जानकारी ट्वीट कर दिया.

इस पर तिरुवनंतपुरम सीट से सांसद शशि थरूर ने 2 ट्वीट कर कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मनोरमा न्यूज कॉनक्लेव में अपने एक भाषण का अंत हर दिन मातृभाषा को छोड़कर एक अन्‍य भारतीय भाषा के शब्‍द सीखने का सुझाव देकर किया. मैं हिंदी के अलावा बाकी भाषाओं में आने का स्वागत करता हूं और खुशी-खुशी इस भाषा की चुनौती को आगे बढ़ाऊंगा.‘ साथ ही यह भी वादा किया कि वह हर रोज हिंदी, अंग्रेजी और मलयालम में किसी न किसी एक शब्द के बारे में ट्वीट करेंगे. अब प्रधानमंत्री की बात कोई कांग्रेस का नेता कैसे मान सकता है? अब यही शशि थरूर के लिए विवाद की वजह बन गया है. कांग्रेस की आलोचना हुई तो कांग्रेस के कुछ लोग शशि थरूर के पीछे पड़ गये..इसके बाद शशि थरूर ने कहा था कि ‘मैं अपने कांग्रेस के साथियों से कहना चाहता हूं कि मेरी राय की कद्र करें, यदि वे इससे सहमत नहीं हैं तो भी..

खैर आगे बढ़ते हैं कांग्रेस के एक और उभरते नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांग्रेस के अलाकमान के बीच सबकुछ ठीक नही चल रहा है.. हाल ही की कुछ घटनाओं पर नजर डाले तो कम से कम यही समझ आता है. दरअसल सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश कांग्रेस का लेटर वायरल हो रहा है. जिला कांग्रेस कमेटी दतिया मध्य प्रदेश ने कांग्रेस आलाकमान को एक पत्र लिखा और कहा साहब को आगे नही बढाया तो 500 लोग एक साथ चले जायेंगे.. मलतब इस्तीफा दे देंगे. मध्य प्रदेश  कांग्रेस के एक नेता ने शीर्ष आलाकमान को धमकी दी है. दतिया के कांग्रेस नेता अशोक दांगी ने एक प्रेस नोट जारी किया है। इस नोट में दांगी ने लिखा है- प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने में एक चमत्कारी एवं करिश्माई व्यक्तित्व की कड़ी मेहनत एवं अथक परिश्रम है तो वह ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं. इस चिट्ठी में आगे लिखा गया है कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने में सराहनीय योगदान को कांग्रेस नेतृत्व को नहीं भूलना चाहिए. अगर उन्हें प्रदेश की राजनीति से दूर किया जाता है तो मैं कार्यकारी अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी एवं जिला पंचायत सदस्य 500 निष्ठावान कार्यकर्ताओं के साथ के साथ दे देंगे.

हो न हो इसमें साहब की राय भी जरूर हो सकती है मतलब ज्योतिरादित्य सिंधिया साहब का मन टटोल कर ही ये पत्र लिखा गया होगा.. इसके बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस में मानों तूफ़ान सा आ गया.. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ आनन् फानन में सोनिया गांधी से मिलने पहुंचे और कहा सब कुछ ठीक है.. ठीक उसी तरह जैसे कर्णाटक में हो रहे नाटक के दौरान सब यही कहते रहे कि सबकुछ ठीक है हालाँकि परिणाम हम सभी को मालूम है. खैर दोनों नेताओं इन मुलाक़ात की और स्थिति के बारे में गुफ्तगू जरूर की होगी.. हालाँकि ये कोई पहला मौका नही है जब सिंधिया और पायलट और वरिष्ठ नेताओं को लेकर बवाल न मचा हो.. विवाद न हुआ है.. इससे पहले भी खबर मिली थी कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री पद को लेकर सिंधिया नाराज हो चुके हैं..

राजस्थान में सचिन पायलट नाराज हो चुके हैं लेकिन दोनों ने कभी अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर नही की बल्कि दूसरों के कन्धों पर बन्दूक रखकर जरूर टाइम टाइम पर फायर की गयी है.. अब देखना है इस बार जो फायरिंग हुई है इससे ज्योतिरादित्य सिंधिया को कितना फायदा मिलता है.