वामपंथी प्रोपगैंडा पोर्टल द वायर ने योगी आदित्यनाथ के खिलाफ फैलाई फेक न्यूज, दर्ज हो गया FIR

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फेक न्यूज फैलाने के लिए कुख्यात प्रोपगैंडा पोर्टल द वायर अपनी आदत के कारण एक बार फिर मुश्किल में फंस गया है. इस बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ झूठी खबर फैलाना द वायर और उसके संस्थापक सिद्धार्थ वरदराजन को महंगा पड़ गया और उनपर FIR दर्ज हो गई.

हुआ दरअसल ये कि तबलीगी जमात की हरकत सामने आने के बाद द वायर खुल कर उसके बचाव में कूद पड़ा और उसने एक आर्टिकल प्रकाशित किया जिसमे कहा गया, ‘’जिस दिन इस इस्लामी संगठन का मजहबी कार्यक्रम हुआ, उसी दिन सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि 25 मार्च से 2 अप्रैल तक अयोध्या प्रस्ताविक विशाल रामनवमी मेला का आयोजन नहीं रुकेगा क्योंकि भगवान राम अपने भक्तों को कोरोना वायरस से बचाएँगे.’ इस खबर को द वायर के संस्थापक सिद्धार्थ वरदराजन ने भी शेयर किया.

ये पूरी तरह से एक फर्जी खबर थी. लेकिन वामपंथी पोर्टल द वायर को बस अपना एजेंडा चलाने से मतलब है, चाहे उसके लिए गलत खबर ही क्यों न फैलाना पड़े. द वायर की फेक खबर के बाद योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार चेतावनी देते हुए ट्वीट किया, ‘झूठ फैलाने का प्रयास ना करे, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कभी ऐसी कोई बात नहीं कही है. इसे फ़ौरन डिलीट करे अन्यथा इस पर कार्यवाही की जाएगी तथा डिफ़ेमेशन का केस भी लगाया जाएगा. वेबसाईट के साथ-साथ केस लड़ने के लिए भी डोनेशन माँगना पड़ेगा फिर.

लेकिन चेतावनी के बाद भी न तो ये झूठी खबर डिलीट की गई और न ही इसके लिए माफ़ी मांगी गई. जिसके बाद द वायर और उसके संस्थापक सिद्धार्थ वरदराजन के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई. FIR दर्ज होने के बाद द वायर प्रेस की स्वतंत्रता का रोना रोने लगा.