अमेरिकी अखबारों में वामपंथियों का प्रोपगैंडा, अंकित शर्मा को जय श्री राम का नारा लगाती भीड़ खिं’च कर ले गई और मा’र डाला

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अगर आपसे पूछा जाए कि वामपंथ क्या है तो आप कहेंगे कि ये एक विचारधारा है. लेकिन आप गलत है. वामपंथ एक विचारधारा नहीं बल्कि एक बिमारी है, जो धीरे धीरे आपको ख़त्म करती है. वामपंथ एक वायरस है जो तेजी से फैलता है और आपके दिमाग पर असर करता है. वामपंथ एक ऐसा ह’थि’यार है जो किसी भी देश को त’बाह कर दे. वामपंथ एक अ’भिशा’प है. वामपंथी किसी दूसरी दुनिया के जीव नहीं है. वो हमारे और आपके बीच से ही आते हैं. हमारे साथ रहते हैं, हमारे साथ उठते-बैठते हैं, वो हमारे साथ रहते हैं दोस्त की तरह लेकिन धीरे धीरे हमें खोखला करते रहते हैं और एक दिन हमारी सभ्यता, संस्कृति, पहचान सबको ख़त्म कर देते हैं. हमें मानसिक गुलाम बना लेते हैं. अपने एजेंडे को पूरा करने के लिए ये किसी भी हद तक जा सकते हैं.

दिल्ली दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की ह’त्या मुसलमानों की उ’न्मा’दी भीड़ ने कर दी. उनके शरीर को 400 बार चा’कू’ओं से गो’दा गया. बेर’हमी से मा’र कर उसे गंदे नाले में फें’क दिया गया. पूरे देश ने वीडियो में देखा कि कैसे नाले से अंकित शर्मा की ला’श को निकाला गया. अंकित का परिवार, दोस्त और चश्मदीद चीख चीख कर कह रहे हैं कि ताहिर हुसैन के गुं’डों ने उसे मा’र डाला. लेकिन वामपंथियों के प्रोपगैंडा की इन्तेहाँ देखिये, देश को असलियत मालूम है इसलिए वो विदेशी अख़बारों में प्रोपगैंडा फैला रहे हैं.

अमेरिकी अखबार द वाल स्ट्रीट जर्नल में एक आर्टिकल छपी है. जिसमे ये बताया गया है कि जय श्री राम का नारा लगाती हिन्दुओं की उ’न्मा’दी भीड़ अंकित शर्मा को खिंच कर ले गई और उसकी ह’त्या कर उसकी ला’श को ग’टर में फेंक दिया. ऐसा नहीं है कि इस आर्टिकल को किसी अमेरिकन नागरिक ने लिखा है. अगर किसी अमेरिकन ने लिखा होता तो मान लेते कि उसे गलत इनफार्मेशन दी गई या सुनी सुनाई बातों के आधार पर खबर को लिख दिया. इस खबर को लिखने वाले भारतीय हैं और वो भी हिन्दू. इस आर्टिकल को लिखा है- कृष्णा पोखरियाल, विभूति अग्रवाल और राजेश रॉय ने.

द वाल स्ट्रीट जर्नल के आर्टिकल का एक अंश

बहुत ही चतुराई से इस आर्टिकल में मुसलमानों को विक्टिम और हिन्दुओं को ह’त्या’रा/आ’तं’की बना दिया गया. अब पूरी दुनिया इस आर्टिकल को पढ़ कर यही समझेगी कि राम भक्तों ने अंकित शर्मा को मा’र डाला. ऐसे सेट होता है प्रोपगैंडा, ऐसे फैलाया जाता है प्रोपगैंडा और ऐसे होते हैं वामपंथी. आप सोचेंगे कि ये सब आखिर क्यों? किसके लिए? इसका एक ही मकसद है भारत को बदनाम कर दो. हिन्दुओं क बदनाम कर दो, भारत और हिन्दू बदनाम होंगे तो नरेंद्र मोदी बदनाम होंगे फिर फिर वामपंथ एजेंडा सफल होगा.