NRC के खिलाफ प्रोपगैंडा फैला रहा था द क्विंट, पकडे जाने पर वीडियो किया डिलीट

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 CAA और NRC के खिलाफ वामपंथी मीडिया पोर्टलों ने जम कर प्रोपगैंडा फैलाया है. किस तरह CAA के खिलाफ इन वामपंथी मीडिया पोर्टलों ने देश के मुसलमानों को भड़काया वो किसी से छुपा नहीं है. अल्पसंख्यक शरणार्थियों के लिए लाये गए क़ानून को इन वामपंथी मीडिया पोर्टलों ने मुस्लिम विरोधी बता कर देश में हिंसा भड़काने में कोई कसर नहीं छोड़ी. ना सिर्फ CAA बल्कि देश में रह रहे अवैध घुसपैठियों को भगाने वाले NRC के खिलाफ भी जम कर प्रोपगैंडा फैलाया जा रहा है. इसी तरह से एक वामपंथी मीडिया पोर्टल द क्विंट को NRC के खिलाफ प्रोपगैंडा फैलाते हुए ट्विटर पर रंगे हाथों पकड़ा गया तो क्विंट ने वो वीडियो ट्विटर से डिलीट कर दिया.

अब हम आपको बताते हैं पूरा मसला क्या है. 13 जनवरी को द क्विंट ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट किया. इस वीडियो में एक तथाकथित मुस्लिम कैब ड्राइवर, जो उबर के लिए काम करता है, NRC का जिक्र करते हुए रो पड़ता है. उस ड्राइवर का नाम इरशाद अहमद बताया जाता है. वीडियो में वो कहता है कि उसके पास न जमीन है न जायदाद और ना ही कोई कागजात है. उसे इस बात की टेंशन है कि वो अपनी नागरिकता कैसे साबित कर पायेगा? ये कहते हुए वो वीडियो में रो पड़ता है. उसकी कहानी को द क्विंट ने बहुत ही भावुक तरीके से लोगों तक पहुंचानी चाही लेकिन उसकी पोल खुल गई.

ट्विटर पर ही फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री, जिन्होंने द ताशकंद फाइल्स और ‘बुद्धा इन अ ट्रैफिक जाम’ जैसी फ़िल्में बनाई है, ने द क्विंट के पुरे स्क्रिप्ट की कलई खोल दी. विवेक अग्निहोत्री ने बताया कि जिसे मजलूम और डरा हुआ कैब ड्राईवर बता कर प्रोपगैंडा फैलाया जा रहा है वो दरअसल बॉलीवुड का एक जूनियर आर्टिस्ट है. उसने बहुत अच्छी एक्टिंग की है पीड़ित और डरे हुए ड्राइवर की.

जब पोल खुली तो द क्विंट ट्रोल हो गया. खुद को फंसता देख उसने वीडियो डिलीट कर दिया और एक ट्विटर पर सफाई पेश की. द क्विंट ने लिखा – विवेक अग्निहोत्री ने उसे ड्राइवर के बारे में जूनियर आर्टिस्ट होने की अफवाह फैलाई जिस कारण वो ड्राइवर ट्रोल हो गया और बेहद डर गया. उसने क्विंट से आग्रह किया है कि वो वीडियो हटा लिया जाए इसलिए द क्विंट ने उस वीडियो को डिलीट कर दिया. लेकिन वीडियो डिलीट करने के बाद भी द क्विंट ट्रोल होने लगा.