द प्रिंट ने निर्मला सीतारमण के बारे में फैलाया फेक न्यूज, पोल खुली तो कर दिया डिलीट

1124

देश में कई छोटे बड़े न्यूज पोर्टल हैं. ये दावा तो करते हैं कि निष्पक्ष हैं और सच्ची खबर दिखाते हैं. लेकिन वक़्त वक़्त पर इनका एजेंडा सामने आ ही जाता है. अपना एजेंडा चलाने के चक्कर में ये कई बार गलत खबरें परोसते हैं और जब पकड़े जाते हैं तो उस खबर को हटा लेते हैं. ऐसा ही एक न्यूज पोर्टल है द प्रिंट. द प्रिंट ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम से एक ऐसा बयान चलाया जो उन्होंने कहा ही नहीं. जब वित्त मंत्री ने इसपर आपत्ति जताई तो उसने ये कहते हुए खबर हटा ली कि हम इस खबर और डाटा को दोबारा वेरीफाई करेंगे.

द प्रिंट ने जो खबर पब्लिश की उसके अनुसार निर्मला सीतारमण कहती हैं कि ‘उन्हें मुंबई के लोग समझ नहीं आते कि वो चाहते क्या है? उन्हें सरकार ने हर तरह की सहूलियतें दी लेकिन फिर भी देश के GDP की ग्रोथ रेट 4.5 प्रतिशत पर अटकी पड़ी है. और क्या चाहते हैं ये लोग.’ यहाँ मुंबई के लोग से मतलब देश के बड़े बड़े बिजनेसमैन से था. मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी भी कहते हैं.

इस खबर पर वित मंत्री ने सवाल खड़े किये कि ‘क्या ये पैरोडी है? अगर नहीं और सीरियस है तो ये जिस बयान को मेरे नाम से पब्लिश कर रहा है वो मेरा नहीं है.’

वित्त मंत्री द्वारा आपत्ति जताने के बाद द प्रिंट ने सफाई दी, ‘हमने आपकी आपत्ति को पूरी गंभीरता से संज्ञान में लिया है. हम सभी डिटेल्स की जांच कर रहे हैं और आपको सटीकता और निष्पक्षता के लिए हमारी प्रतिबद्धता का आश्वासन देते हैं.’

 अब द प्रिंट की जांच में क्या आया ये तो वही जाने. लेकिन उन्होंने एक और ट्वीट करते हुए लिखा, ‘जब तक हम इस खबर की सत्यता की जांच कर रहे हैं तब तक इस खबर को द प्रिंट से हटाया जा रहा है.’

अब सवाल ये है कि द प्रिंट जैसा बड़ा नाम बिना वेरीफाई किये कोई खबर ऐसे कैसे पब्लिश कर सकता है वित्त मंत्री के नाम से, जो उनकी छवि को नुक्सान पहुंचाए. हाँ अगर अपना एजेंडा चलाना हो तो ऐसा किया जा सकता है.