जब राष्ट्रपति दे रहे थे भाषण देखिये तब राहुल गांधी क्या करने लगे?

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का संसद के सेन्ट्रल में अभिभाषण चल रहा था ठीक उसी समय जब कैमरा घुमते हुए राहुल गाँधी की तरफ गया तो सबकी निगाहें उन पर ही टिक गयी. लोग सोचने लगे कि जब सबकी निगाहें राष्ट्रपति पर टिकी हुई है. लोग उनकी बातें सुन रहे हैं तो राहुल गाँधी जी नीचे देखकर क्या कर रहे हैं..
दरअसल जब राष्ट्रपति भाषण दे रहे थे तब राहुल गाँधी अपना फोन चला रहे थे. सोशल मीडिया पर राहुल की ये तस्वीर और वीडियो वायरल हो गया है। वहीं जब सोनिया गांधी अभिभाषण पर मेज थपथपा रहीं थीं तब राहुल उन्हें रोकते हुए दिख रहे हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनको ट्रोल किया जाने लगा. सोशल मीडिया पर राहुल गाँधी को खूब टारगेट किया गया. किसी ने कहा कि सपने देखते हैं प्रधानमंत्री बनने के लेकिन हरकतें किसी छोटे बच्चे की तरह है. शिवेद्र शेखर सोशल मीडिया पर लिखते हैं कि ये उनके लिए कोई नही बात नही है वो तो शहीदों को श्रधान्जली देते वक्त भी फोन का उपयोग कर चुके हैं. वैभव लिखते है कि बच्चा है!!आखीर उमर ही क्या है राहुल बाबा की!!!बडो मे बोर हो राहा होगा,देख राहा होगा छोटा भीम..


हालाँकि इसी बीच एक मौका ऐसा भी आया जब राष्ट्रपति ने उरी और सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया तो सभी लोगों ने मेज थपथपाई. इस दौरान सोनिया गाँधी भी मेज थपथपाती दिखाई दी और राहुल गांधी नीचे देखते हुए शांत बैठे रहे. कई बार सोनिया ने उनकी तरफ मुड़कर देखा मगर वह जस के तस बैठे रहे. वे मंच की तस्वीर खींचे में व्यस्त रहे..संसद के दोनों सदन को गुरूवार के दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संबोधित किये. सरकार के बारे में बताया. राष्ट्रपति ने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर दुनिया भारत के साथ खड़ी है। संयुक्त राष्ट्र द्वारा मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करना इसका सबूत है। सरकार पहले दिन से ही समाज के आखिरी व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए समर्पित है। ऐसे एतिहासिक मौके पर पहली पंक्ति में बैठे लोगों पर पूरे देश की निगाहें होती हैं ऐसे में सवाल तो यही खड़ा होता है कि राहुल गाँधी जी का ध्यान कहाँ है? ये तस्वीर राहुल गाँधी की राजनीति में सक्रियता और उनकी भूमिका गंभीरता को दिखाता है. राहुल गाँधी देश की सबसे पुरानी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं.


वैसे ये कोई पहला मौका नही है जब राहुल गाँधी सदन में कुछ ऐसा कर गये हो जिससे सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल होना पड़ा हो.. इससे पहले जब राहुल गाँधी सदन की सदयस्ता की शपथ ले रहे थे तब वे शपथ पढने के बाद वापस जाने लगे,,, बिना रजिस्टर पर साइन किये हुए.. उन्हें वापस बुलाकर साइन करने के लिए कहा गया.. ये बात अगर कोई पहली बार चुना गया सांसद करता तो समझ आता.. राहुल गांधी कई सालों से सदन के सदस्य रहे हैं. उनकी इस गलती के कारण सोशल मीडिया पर लोग उन्हें ट्रोल करने लगे.


हालाँकि यहाँ आपको यह भी बता दें कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के बारे में जब राहुल गाँधी से पुछा गया तो उन्होंने कहा कि ‘मेरा रुख आज भी वही है कि राफेल विमान सौदे में चोरी हुई है।” मतलब राहुल गाँधी जी की सुई राफेल से आगे पीछे नही हो पा रही हैं. राहुल गाँधी के इस बयान के बाद यह समझना आसान है इस मुद्दे को लेकर राहुल गाँधी और कांग्रेस आगे भी सरकार पर हमलावर रहने वाली है. राफेल विवाद जिक्र करने पर यहाँ आपको यह भी बताना जरूरी है कि राहुल गाँधी और कांग्रेस ने 2019 लोकसभा चुनाव में राफेल को बड़ा मुद्दा बनाया था. इसे मुद्दे की आड़ में प्रधानमंत्री चोर के नारे राहुल गाँधी ने खूब लगवाए थे लेकिन चुनाव में इसका कोई फायदा नही मिला था.