कुंभ की आड़ में खेला जा रहा प्रयागराज में धर्म परिवर्तन का खेल!

प्रयागराज में विशाल कुम्भ चल रहा है. इस कुम्भ मन देश विदेश से आये हुए लाखो श्रद्धालु पहुँच रहे हैं और आस्था की दुबकी लगा रहे हैं. इस कुम्भ में सिर्फ एक विशेष समुदाय के लोगों तक ही सीमित नही है बल्कि लगभग हर धर्म के लोग इस कुम्भ पहुँच रहे हैं और अपना अपना योगदान दे रहे हैं. और लोगों को रोजगार मिल रहा है. लेकिन अब इसी कुम्भ में अपने नापाक मसूबे लेकर कुछ लोग शामिल हो चुके हैं धर्म की आड़ में कुछ लोग कुम्भ में अपनी नीच हारकत को अंजाम दे रहे हैं…दरअसल मिली खबर के मुताबिक़ इस समय प्रयागराज में चल रहे कुम्भ में कुछ इसार धर्म प्रचार करने वाले लोग घूम रहे हैं जो लोगों को एक पर्चा बाँट रहे हैं. इस पर्चे में पर कुछ बातें लिखी हुई है जिसे पढ़कर आप इनकी मंशा को साफतौर पर समझ सकते हैं.


त्यौहार हिन्दुओं का, डुबकी हिन्दुओं की, ताम-झाम हिन्दुओं का और हाथ धो रहे हैं ईश्वर के पुत्र पवित्र यीशु! धर्म परवर्तन और प्रचार के मकसद से डाले गए ईसाई धर्म के कैंप प्रयागराज तक भी पहुँच चुके हैं। और इसके लिए विकसित देशों से उपजी धर्म परिवर्तन की सभ्यताएँ हर तरह के हथकंडे अपना रही है। कुम्भ मेले में ईसाई मिशनरियों के पंडाल का प्रमुख उद्देश्य यही माना जा रहा है.
प्रयागराज कुम्भ में कुछ पर्चे बांटे जा रहे हैं जिसमें बहुत ही आसानी से यीशु (ईसा मसीह) को ‘सद्गुरु यीशु’ बनाकर जनता के सामने रखा जा रहा है. हिन्दू धर्म के पवित्र उपनिषदों के श्लोकों में ईसा मसीह को ठूँसकर परोसा जा रहा है. और लोगों इशू के प्रति प्रेम भरने की कोशिश की जा रही है. जिसे धर्म परिवर्तन की कोशिश मानी जा रही है. धर्म परिवर्तन कराने के लिए अपनाया जा रहा ये तरीका सबसे क्रिएटिव और मजेदार है. यहाँ वे किसी ना किसी बहाने कुम्भ मेले में जा रहे हैं और लोगों तक अपना सन्देश पहुंचा रहे हैं. धर्म के इस कारोबार में बांटे गये पर्चे पर बताया गया है कि यीशु ईश्वर के इकलौते पुत्र थे और वो सनातन सद्गुरु हैं, अगर किसी को सत्य जानना है तो उसे सद्गुरु यीशु के पास जाना चाहिए।

साहित्य की नक़ल करते हुए इस पर लिखा हुआ है कि असतो मा सद्गमय अर्थात यीशु ही हमें असत्य से पूर्ण सत्य पर ले चलते हैं, क्योंकि वे स्वयं सत्य हैं, वो अहमेव सत्यः का दवा करते हैं जिसका मतलब होता है सत्य मैं ही हूँ।”
इसके साथ ही प्रयागराज में बाँटे जा रहे इन किताबों में लिखा गया है, “यीशु ग्रन्थ हमें सिखाता है कि अनंत जीवन पाने के लिए हमें केवल सद्गुरु यीशु पर अपनी आस्था रखनी चाहिए।” इन पर्चों में बड़ी ही सावधानी से लिखा गया है कि सद्गुरु यीशु ही ज्योति हैं।
एक अन्य पर्चे पर लिखा गया है कि एक और पर्चे में लिखा गया है, “जो मेरा सन्देश सुनता और भेजने वाले पर भरोसा करता है, उसे दंड नहीं मिलता और अंतिम न्याय के दिन मैं उसे फिर जीवित कर दूँगा।”


हालाँकि ये खबर हमने सुनी जरुर थी लेकिन जब हमें एक वेबसाइट के जरिये जानकारी मिली..हमें लगा कि ये जानकारी हमें आपतक जरुर पहुंचाया जाना चाहिए. आप ऐसे लोगों से सावधान रहें और अपने लोगों को सावधान रखें. अगर कोई व्यक्ति इस तरह की हरकत करता हुआ मिलता है तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें.

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