केंद्र सरकार दे रही है एक के बाद एक कई तोहफे, आम लोगों तक हर योजना से पहुंचेगा लाभ

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लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रही है…सरकार अपने वायदे पूरे करने की पूरी कोशिश कर रही है….और आम जनता को फायदा पहुंचाने के  लिए कई योजनाएं बना रही है…अभी हाल ही में सरकार ने सामान्य वर्ग को आर्थिक रूप से 10 % आरक्षण देने की घोषणा की है..वहीं दूसरी ओर आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर दोगुनी करने पर भी विचार कर रही हैं.. जिससे सीधे तौर पर मीडिल क्साल को फायदा पहुंचेंगा…और अब सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया हैं.

केंद्र सरकार ने शिक्षकों को 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सरकारी और वित्तपोषित तकनीकी शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों को 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी. इस प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद सरकारी खजाने पर 1241.78 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार आएगा ।

‘इससे राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित संस्थानों के कुल 29,264 शिक्षकों और अन्य शैक्षणिक कर्मियों को सीधे लाभ होगा. इसके अलावा, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के दायरे में आने वाले निजी कॉलेजों या संस्थानों के करीब साढ़े 3 लाख शिक्षकों और शैक्षणिक कर्मियों को भी इस मंजूरी से लाभ मिलेगा.’ इस कदम से प्रौद्योगिकी संस्थानों को उच्च शैक्षणिक मानकों के शिक्षकों को लुभाने और उन्हें बनाए रखने में मदद मिलेगी.

इसको लागू करने के बाद इसका लाभ इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, आर्किटेक्चर आदि तकनीकी संस्थानों के करीब 29,264 शिक्षकों और अन्य एकेडमिक स्टाफ को 1 जनवरी, 2016 से दिया जाएगा। सरकार ने इसके लिए 1,241 करोड़ रुपये का अनुदान भी जारी करने की घोषणा की है। 

पहले भी इस राज्य को मिल चुका है इसकी स्वीकृति

बता दें, इससे पहले महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने अपने कर्मियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को स्वीकृति दी थी, जिन्हें 1 जनवरी, 2016 से लागू कर दिया गया था, सरकार के इस  फैसले से लगभग 17 लाख राज्य कर्मचारी को फायदा पहुंचा, और इस फैसले से राज्य सरकार पर 21,000 करोड़ रुपये का भार भी पड़ा था.

अब ये देखना होगा की सरकार के ये कदम लोकसभा चुनाव को लेकर कितना फायदेमंद साबित होता है