क्या ठाकरे फिल्म में दिखाई गयी है बीजेपी की बुराई

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याद है आपको  फिल्म ‘my name is khan’ जब शिवसेना ने काफी हंगामा मचाया था वो चाहते थे की फिल्म रिलीज़ न होक्योकि उनको फिल्म के काफी शॉट्स पसंद नही आये थे . यहाँ तक की सिनेमा घरों में आग तक शिवसेना के कार्यकर्ताओ ने लगवा दी थी . उसके बाद फिल्म आई पद्मावत , केदारनाथ , जो की विवादों में रही है . लेकिन इस बार मामला है बाबा शाहेब पर आने वाली फिल्म ठाकरे की . जब जब सन्सर बोर्ड ने किसी फिल्म पर कट लगाई है , तब तब शिवसेना ने उसका सपोर्ट किया है . 

लेकिन जब इस बार सन्सर बोर्ड ने ठाकरे पर कट की बात की तो शिवसेना को ये बिलकुल भी रास नहीं आया है . यह फिल्म 25 january को दर्शकों के सामने आजाएगी . इस फिल्म में बाबा साहेब का रोल Nawazuddin Siddiqui निभा रहे हैं . इस फिल्म में कई ऐसे सीन है जिसपर सन्सर बोर्ड कट लगाना चाहती है . लेकिन फिल्म को प्रोडूसर और राइटर संजय राउत साथ ही साथ शिवसेना के नेता संजय राउत को ये बात बिलकुल ना मंजूर है , ये वही संजय राउत है जो हर बार किसी फिल्म को कट को लेकर  हंगामा करते हैं , लेकिन जब इस उनकी खुद की फिल्म का सवाल है तो उनका कहना है की यह फिल्म एक सच्ची कहानी पर बेस्ड है , इसमे कट का कोई सवाल नहीं उठता है .

इस फिल्म को मराठी और हिंदी दोनों में रिलीज़ किया गया है . जहा मराठी ट्रेलर में दबंग की भूमिका दिख रहे है  हमलोगों को , वही हिंदी ट्रेलर में राष्ट्रवाद को ज्यादा फोकस किया गया है . हिंदी के ट्रेलर में जहा दिखाया गया है की वो इंदिरा गाँधी से बात करते हैं जहा वो बोलते हैं की मैं अपने हर भाषण में जय हिन्द जय भारत बोलता हु इसका मतलब मेरे लिए देश पहले आता है , महाराष्ट्र बाद में . 


एक और सिन है जहा  लाएर  ने पूछा की आपको कैसे पता राम का जनम यहाँ हुआ है उसमे उनका लाइन तो क्या पकिस्तान में हुआ है. इनसब को देख कर कोर्ट को लगा की कुछ सिन पर कैची चलनी चाहिए , लेकिन शिवसेना को बिलकुल पसंद नहीं आरहा ये सब . आया तक की आदेश के बाद भी इसको नहीं हटाया गया है . हर बार छोटी मोटी चीजों को लेकर बवाल करने वाले शिवसेना कितना बात मानते हैं बोर्ड की क्या सेंसर बोर्ड इस पर करवाई करती है ये देखने वाली बात है .

  इतना ही नहीं मराठी ट्रेलर में तो यहाँ तक  नरेन्द्र मोदी को भी नहीं छोड़ा है , मराठी ट्रेलर में जहा एक लाइन जिसमे बोला गया व्यक्ति की ताकत छाती के इंच से नहीं बल्कि उसके दिमाग से होती है , ये इशारा किसपर अब आपको बताने की जरूरत नहीं है , बीजेपी पर काफी निशाना ठोका है मराठी ट्रेलर में , अजीब बात तो ये है की मराठी केट्रेलर में ये लाइन है लेकिन हिंदी के ट्रेलर में ये लाइन बलकुल नहीं है . लोगों का मानना है की चुनावी माहौल में ये फिल्म लाने का एक ही मतलब है वो यूथ के दिमाग में अपना छाप छोड़ना चाहती हैं .