ठाकरे का ट्रेलर आ गया दर्शकों के बीच , लोगों को है अब बस फिल्म का इंतज़ार

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ठाकरे वो नाम है जिसका रिव्यु हम करेंगे . हम बात करते है सबसे पहले बाल ठाकरे , जिसका पूरा नाम था बाल केशव ठाकरे . जो की शिवसेना के संथापक होने के साथ साथ एक कार्टूनिस्ट भी थे . कुछ लोगों के लिए भगवान् होने के साथ साथ वो कुछ लोगों को वो बलकुल नहीं पसंद करते थे . फिल्म का निर्माण और इसकी कहानी ‘शिवसेना’ के ही संजय राउत ने लिखी है जो की शिवसेना के नेता भी है , हलाकि उनका नाम प्रोडूसर में नहीं आता है पर पैसा उन्होंने ने ही लगाया है . Nawazuddin Siddiqui ने इस फिल्म में शिव सेना के फाउंडर बालासाहेब ठाकरे का किरदार निभाया है.ठाकरे के ट्रेलर ने सभी की एक्साइटमेंट तेज कर दी है. सोशल मीडिया पर ठाकरे का ट्रेलर काफी वायरल हो रहा है.

इसी बीच ठाकरे फिल्म का एक डायलॉग काफी वायरल हो रहा है. 80 और 90 के दशक में महाराष्ट्र की राजनीति में बाला साहेब ठाकरे की तूती बोलती थी. भले ही ठाकरे ने कभी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री या देश के प्रधानमंत्री के पद पर बैठने की इच्छा नहीं जताई. न ही उन्होंने सत्ता को अधिक महत्व दिया लेकिन फिर भी महाराष्ट्र की राजनीति का फैसला वही करते थे. नेता से लेकर अभिनेता सभी उनके यहां जाकर सिर झुकाया करते थे. ट्रेलर की शुरुआत ही दंगो से हुई है . इसमे एक डायलॉग आता है जिसमे बोला जाता है ‘मुझे मुंबई शहर शांत चाहिए , इसके बाद बाबा साहेब की एंट्री भी काफी धमाकेदार की गयी है , इंदिरा गाँधी के साथ उनकी बातचीत भी दिखाई गयी है , जिसमे उन्होंने बोला है की मेरे लिए देश पहले आता है , राज्य बाद में .

उसमे उनका एक और धमाकेदार डायलॉग बाबरी मस्जिद से ज़ुरा है जिसमे उनसे लाएर  ने पूछा की आपको कैसे पता राम का जनम यहाँ हुआ है उसमे उनका लाइन तो क्या पकिस्तान में हुआ है . बहुत ही काफी प्रभावित है .फिल्म बहुत कुछ बता रहा है . बहुत ही excited ट्रेलर है इसकी .