कश्मीर पर झूठी खबर फैलता पकड़ा गया The टेलीग्राफ

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कुछ मीडिया संस्थानों को ये बात बर्दाश्त नहीं हो रही है कि कश्मीर मुद्दे पर उनके सोचे मुताबिक लोग विद्रोह क्यों नहीं कर रहे हैं, इसीलिए तो वो अब झूठी खबरों को फैलाने पर उतर आए हैं। सो कॉल्ड लिबरल मीडिया जो कि खुद को सच्चाई की मूरत की तहर प्रचारित करते हैं, वही आज झूठी खबर फैलते हुए पकड़े गए हैं।

Source: OpIndia

दरअसल, सोमवार को कोलकाता में स्तिथ अंग्रेजी अखबार टेलीग्राथ ने अपने एक लेख में ये कश्मीर से 370 के हटने के समर्थन में एकत्रित हुए बच्चों को कश्मीर के एकीकरण का विरोधी करार दिया। अपने लेख में उन्होंने उन बच्चों की तस्वीर का न सिर्फ इस्तेमाल किया बल्कि जनता में गलत खबर फैलाने की कोशिश भी की, उन्होंने कश्मीरी युवाओं की तस्वीर का इस्तेमाल किया और उसके कैप्शन में लिखा की ये बच्चे कश्मीर से धारा 370 के हटने का विरोध कर रहे हैं. मगर ओपिंडिया नाम की एक वेबसाइट ने इस बात का खुलासा किया की इस अख़बार में छपी ख़बर गलत है, सच सामने आने पर टेलीग्राफ को इसपर माफी मांगनी पड़ी। इस माफीनामें ने उनके असल अजेंडे का पर्दाफाश कर दिया और ये बात भी साबित हो गयी की इनकी कलम में कितनी सचाई है. अगर इनके पास किसी भी विरोध की खबर होती तो वो असल तस्वीरों का इस्तेमाल करते न की दूसरी तस्वीरों पर अपना झूठ चिपकाते.

उन्होंने अपने पूरे आर्टिकल में बढ़ी ही बेशमरी से इस बात को साबित करने की कोशिश की है कि इस देश में कश्मीर से 370 के हटने पर नाराजगी का माहौल है। लेकिन उस मार्च के वीडियो के सामने आने पर ये साफ हो गया की वो युवा कश्मीर के भारत मे एकीकरण के समर्थन में उपस्थित हुए थे। इस लिए ऐसी झूठी ख़बरों से सावधान रहे ये आपको भ्रमित कर सकती हैं, और अपने man में बे वजह संदेह पैदा कर सकती हैं.