तेलंगाना पुलिस ने 17 रोहिंग्या के खिलाफ दर्ज किया केस, लॉकडाउन के बावजूद कर रहे थे ये काम, जमात से है कनेक्शन

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देश में कोरोना से जंग के दौरान तबलीगी जमात और रोहिंग्या कनेक्शन सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है. गृह मंत्रालय के अलर्ट के बाद राज्य सरकारें एक्शन में आ गई है. उन रोहिंग्याओं की तलाश की जा रही है जो मरकज़ के इस्लामिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. बताया जा रहा है कि कई रोहिंग्या जमात के कार्यक्रम में शमिल होने के बाद से ही गायब हैं और अपने शिविरों में लौट के नहीं आये हैं. इसी बीच तेलंगाना पुलिस ने म्यामांर के रहने वाले 17 रोहिंग्या मुसलमानों के एक समूह के खिलाफ केस दर्ज किया है. लॉकडाउन के बावजूद सभी 17 रोहिंग्या समुदाय के लोग शहर में धार्मिक जलसे में हिस्सा ले रहे थे.

जिन 17 रोहिंग्याओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है उनमे से 2 लोग जम्मू-कश्मीर, 4 सदस्य मेवात हरियाणा, 11 हैदराबाद के बालापुर कैम्प में रह रहे थे, तबलीगी जमात से इनका कनेक्शन सामने आया है. गृह मंत्रालय और राज्य सरकारें इसलिए भी चौकन्नी है क्योंकि जिस तरह से मरकज कार्यक्रम के बाद अचानक से कोरोना केस में वृद्धि हो गई, अब वैसे ही जमात के रोहिंग्या कनेक्शन के बाद एक बार फिर से आशंका है कि कोरोना केसों में वृद्धि न हो जाए.

फ़ाइल फोटो

गृह मंत्रालय का साफ निर्देश है कि ऐसे विदेशियों की तलाश की जाए जो अपने युद्धग्रस्त देश को छोड़कर आए हैं और जिनका तबलीगी जमात के साथ कनेक्शन है. सभी का कोरोना टेस्ट कराया जाए. खुफिया इनपुट के आधार पर 17 लोगों की बीते सप्ताह गिरफ्तारी हुई. वो जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए थे. उन सभी के सैम्पल जांच के लिए भेजे गए तो उसमे से चार कोरोना पॉजिटिव निकले. राज्य की पुलिस रोहिंग्या समुदाय के लोगों के बारे में और जानकारी हासिल कर रही है. हैदराबाद के बालापुर और शाहीननगर में 5000 के करीब रोहिंग्या मुसलमान रह रहे हैं. सरकार सबको ट्रेस करने की कोशिश कर रही है. लेकिन ये एक कठिन प्रक्रिया साबित हो रही है.