देश के पहले प्राइवेट ट्रेन का भी बुरा हाल, इस वीआईपी ट्रेन में खराब खाने से बीमार पड़े लोग

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रेलवे में सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जब प्राइवेट ट्रेन चलाने की घोषणा हुई थी तो उम्मीद थी कि लोगों को अच्छी सुविधाएं मिलेंगी. लेकिन अब ये उम्मीद भी धराशाई हो गई है. देश की पहली प्राइवेट ट्रेन और वीआईपी माने जाने वाली तेजस में खराब खाना खाने की वजह से 25 लोग फ़ूड पॉइजनिंग के शिकार हो गए. उनकी तबियत ख़राब हो गई.

करमाली (गोवा) से मुंबई की ओर आ रही तेजस एक्सप्रेस में यात्रियों को खाना खाते ही फूड पॉइजनिंग की शिकायत हुई. एक –एक करके 25 लोगों की तबियत बिगड़ने लगी. खाने में मिक्स विज दिया गया था लेकिन इसे खात एही यात्रियों को उल्टियाँ आने लगी. यात्रियों ने जब ट्रेन के ठेकेदार से इसकी शिकायत की तो उसने टालमटोल करना शुरू कर दिया. तो लोगों ने वीडियो के जरिये सोशल मीडिया पर शिकायत की गई. ट्विटर पर शिकायत कर्ण एके बाद रेलवे हरकत में आया और उसने कारवाई करते हुए घटना के जिम्मेदार एरोन कैटरर्स पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगा दिया.

प्रतीकात्मक तस्वीर

देश में चलने आई वीआईपी ट्रेनें सुविधा के नाम पर पैसे तो ज्यादा वसूलते हैं लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ नहीं होता. पिछले महीने मुंबई-अहमदाबाद शताब्दी एक्सप्रेस में लोगों को सुबह के नाश्ते में एक्सपायर ब्रेड परोस दिया गया था. उसमे फंगस लगा हुआ था.