ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया ने रचा इतिहास,72 साल में पहली बार जीती सीरीज

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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में खेला गया चौथा टेस्ट मैच भले ही ड्रॉ हो गया है। भारत ने 71 साल के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जीती है। वह ऑस्ट्रेलिया में सीरीज जीतने वाला दुनिया की पांचवीं और एशिया की पहली टीम है। विराट कोहली ऐंड कंपनी को वह ऑस्ट्रेलिया में इतिहास रचने नहीं रोक पाया। बारिश की वजह से पांचवें और अंतिम दिन का खेल नहीं हो पाया और अंपायरों ने लंच के बाद मैच ड्रॉ करने का फैसला किया जिससे भारत ने चार मैचों की श्रृंखला 2-1 से अपने नाम की।

इस तरह से भारत बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी बरकरार रखने में भी सफल रहा। इस टेस्ट में भारत ने टॉस जीता और बल्लेबाजी का फैसला किया। उसने सात विकेट पर 622 रन बनाकर अपनी पहली पारी घोषित की। ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 300 रन पर ऑलआउट हुई। ये पहला मौका है जब किसी भारतीय टीम ने कंगारुओं को हराकर उन्हीं की धरती पर टेस्ट सीरीज़ जीती है। विराट कोहली 2008 में मलेशिया में हुए अंडर 19 विश्वकप जीतने वाली टीम के भी कप्तान थे। कोहली ने कहा कि पुजारा ने उम्दा प्रदर्शन किया, मयंक अग्रवाल ने भी अपने रोल को समझते हुए शानदार प्रदर्शन किया। बारिश रुकने के आसार नहीं होते देख अंपायर्स और दोनों टीम के कप्तानों ने चायकाल से पहले पूरे दिन का खेल रद्द करने का फैसला किया।

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में सिर्फ चार देश ही सीरीज़ में मात दे सके हैं। वो चार देश हैं इंग्लैंड, वेस्टइंडीज़, न्यूज़ीलैंड और द. अफ्रीका। विराट की कप्तानी में भारत ने श्रीलंका में दो और वेस्टइंडीज में एक टेस्ट सीरीज जीती, जबकि 2014/15 में हुई ऑस्ट्रेलिया, 2017/18 में हुई दक्षिण अफ्रीका और पिछले साल इंग्लैंड में हुई टेस्ट सीरीज में उसे हार झेलनी पड़ी। मुझे लगता है कि इस सीरीज़ को जीतने के बाद हमें एक टीम के तौर पर अलग पहचान मिलेगी। ये जीत भारत में बैठे देख रहे युवाओं को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगी।

विराट ने 2014/15 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहली बार टीम इंडिया की कमान संभाली थी। तब से अब तक वे 15 टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम की अगुआई कर चुके हैं। इनमें से सात घरेलू मैदान पर खेली गईं हैं।टीम इंडिया ने वे सातों सीरीज अपने नाम की हैं। ऑस्ट्रेलिया की टीम जैसे ही फॉलोऑन खेलने के लिए उतरी वैसे ही कंगारुओं का गुरूर चकनाचूर हो गया। इसपर विराट कोहली मुझे यकीन नहीं हो रहा है कि 4 साल बाद हम यहां टेस्ट सीरीज जीते हैं। मैं सिर्फ एक शब्द कहना चाहता हूं- ‘प्राउड’, इस टीम की कप्तानी करते हुए मैं मुझे गर्व है और मैं खुद को खुशकिस्मत समझता हूं। खिलाड़ी कप्तान को बेहतर दिखाते हैं।’