ट्रम्प ने पीएम मोदी को फोन कर G-7 का दिया न्योता, भारत-अमेरिका की दोस्ती देख बौखलाया चीन

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भारत और चीन के बीच तनाव के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार की रात पीएम नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की. दोनों नेताओं के बीच करीब 25 मिनट तक बातचीत हुई. इस दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पीएम मोदी को G-7 की बैठक का न्योता दिया और भारत-चीन तनाव पर भी बातचीत हुई. इसके अलावा अमेरिका में जारी हिंसा, कोरोना वायरस, WHO में सुधार और आपसी सहयोग को लेकर भी चर्चा हुई. पिछले हफ्ते ही डोनाल्ड ट्रम्प में G-7 में भारत समेत रूस, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया को शामिल करने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि विश्व की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं के समूह G-7 का दायरा बढाए जाने की जरूरत है और इसे भारत को भी शैल किये जाने की जरूररत है. भारत के अलावा उन्होंने रूस, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया को भी G-7 में शामिल करने की वकालत की थी.

ट्रम्प और पीएम के बीच हुई बातचीत से चीन बौखला गया. चीन समझ रहा है कि उसके खिलाफ एक वैश्विक गठबंधन बन रहा है. वो ये भी समझ रहा है ट्रम्प G-7 का दायरा बढ़ा ककर G-20 की वैल्यू कम करने की कोशिश में हैं. क्योंकि G-20 में चीन भी शामिल है. अगर G-20 के देश G-7 में शामिल हो जाते हैं और चीन बाहर रह जाता है तो G-20 अपने आप महत्वहीन हो जाएगा. मोदी और ट्रम्प के बीच हुई बातचीत से बौखलाए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा, ‘चीन का मानना है कि सभी अंतरराष्ट्रीय संगठनों और सम्मेलनों को विभिन्न देशों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाने वाला होना चाहिए, जिससे बहुपक्षीयता कायम रह सके और विश्व शांति और विकास को बढ़ावा मिल सके. चीन के खिलाफ कोई भी गुटबंदी का प्रयास विफल होगा.’

भारत और चीन के बीच तनाव पर अमेरिका खुल कर अपनी नाखुशी जाहिर कर चुका है और उसने ये भी कहा था कि चीन दुनिया के लिए असली खतरा बनता जा रहा है. चीन ने भी भारत को चेतावनी दी कि अमेरिका और चीन के साथ शीतयुद्ध से दूर रहे वरना गंभीर परिणाम होंगे. लेकिन सच तो ये है कि चीन ये भलीभांति समझ रहा है कि वो दुनिया में अलग थलग पड़ता जा रहा है और यही उसकी बौखलाहट का असली कारण है.