तबलीगी जमात ने देश के अंदर फैलाया कोरोना, 13 लोग छिपने के लिए आये यूपी के इस राज्य में

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दिल्ली समेत पूरे देश में हड़कंप मचा हुआ है. दिल्ली के निजामुद्दीन में हुए एक मजहबी जलसे में देश विदेश के करीब 2000 लोग शामिल हुए और फिर वहां से निकल कर देश के अलग अलग हिस्सों में फ़ैल गए. दिल्ली में करीब 11 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है. ये सभी निजामुद्दीन के उसी मजहबी जलसे में शामिल हुए थे. ये मज़हबी जलसा एक इस्लामी संगठन तबलीगी जमात ने आयोजित किया था. तबलीगी जमात है क्या आपको बता देते हैं. तबलीगी का मतलब होता है ‘अल्लाह की कही बातों का प्रचार करने वाला.’ वहीं “जमात” का मतलब होता है ‘समूह’. यानी ‘अल्लाह की कही बातों का प्रचार करने वाला समूह.’ “मरकज” का मतलब होता है ‘मीटिंग’ के लिए जगह. दरअसल, तबलीगी जमात से जुड़े लोग पारंपरिक इस्लाम को मानते हैं और इसी का प्रचार-प्रसार करते हैं.

देशभर में आज कोरोना का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है. तबलीगी जमात के लोगो ने भारत के अंदर कोरोना को बहुत बुरी तरह से फैला दिया है. तबलीगी जमात का ये सिलसिला शुरू होता है दिल्ली के निजामुद्दीन से और दिल्ली की केजरीवाल सरकार सिर्फ आंखे बंद करे चुपचाप ये सब देखती रही. क्या केजरीवाल को इसकी खबर तक नही थी? वैसै तो केजरीवाल बहुत बड़ी बाते करते हैं. लेकिन कुछ दिन पहले केजरीवाल ने दिहाड़ी मजदूरों को भी दिल्ली से बाहर करने का काम किया था.

वहीं तबलीगी जमात के कई लोग उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक मस्जिद में कई विदेशी नागरिकों के छिपे होने की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर और एसीपी ने छापेमारी शुरू कर दी है. जानकारी के मुताबिक, इस मस्जिद में बीते 13 मार्च से कई विदेशी नागरिकों के रुके होने की जानकारी मिली थी. मस्जिद में मौजूद सभी देसी-विदेशी नागरिकों को आइसोलेशन में भेज दिया गया है और मस्जिद में ताला लगा दिया गया है.  इन विदेशी नागरिकों की संख्या 6 है और ये कजाकिस्तान से आए हैं. वहीं, मड़ियांव इलाके में भी जमात के आयोजन में शामिल 7 अन्य लोग मिले हैं. ये सभी बांग्लादेशी नागरिक हैं. लखनऊ सीएमओ उनको मेडिकल जांच के लिए लेकर गई है.

आपको बता दें कि भारत में कोरोना महामारी काफी तेजी से फैल रही है. सोमवार शाम तक इसका संक्रमण 1215 लोगों तक फैल चुका था और अभी तक 1251 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. इनमें से 32 लोगों की मौत भी हो चुकी है. अभी तक 102 लोग सही होकर घर जा चुके हैं.

तबलीगी जमात को इस महामारी के बारे में पता था. उसके बावजूद भी इन  लोगो ने ऐसे कार्यक्रम का आयोजन किया. जिस वक्त खुद देश के प्रधानमंत्री मोदी ने ये कहा था कि देश को बचाने के लिए देश के अंदर 21 दिनो को लॉकडाउन होने जा रहा है.और आप सब लोग घर के अंदर रहे. एक तरफ देश इस महामारी से लड़ रहा है. वहीं दूसरी तरफ लोगों को कुछ भी समझ नही आ रहा या फिर लोग ये सब काम जानबूझकर कर रहे है. क्या इन लोगों को अपनी जान प्यारी नही है.?