JNU में स्वामी विवेकानंद का हुआ अपमान, प्रतिमा के नीचे लिख दिए अभद्र नारे

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मुफ्तखोरी एक बिमारी है और जब ये बिमारी बुरी तरह से जकड लेती है तो इससे बचने का कोई उपाय नहीं होता. इसी मुफ्तखोरी की बिमारी से ग्रसित है देश का प्रसिद्द विश्विद्यालय JNU. वही JNU जहाँ के पत्थरों पर बैठ कर आतंकी अफजल गुरु की फांसी पर बहस होती है. वही JNU जहाँ आतंकी अफजल को फांसी देने पर नारे लगाए जाते हैं, “अफजल हम शर्मिंदा है, तेरे कातिल जिन्दा है”. वही JNU जहाँ से निकलने वाले नोबल प्राइज जीतते हैं. वही JNU जहाँ 10 रुपये हॉस्टल फीस को बढ़ा कर 300 किया जाता है तो विरोध में जम कर हुडदंग होता है. वही JNU जहाँ स्वामी विवेकानंद को भी अपमानित कर दिया जाता है.

कहते हैं JNU वो जगह है जहाँ की हवाओं में नारे और पोस्टर ऑक्सिजन की तरह घुले हुए हैं. लेकिन अब वहां की हवाओं में ज़हर जैसा भर गया है. पहले हॉस्टल फीस में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ उग्र प्रदर्शन हुए. कहा गया कि JNU में गरीब से गरीब बच्चे पढने आते हैं इसलिए हॉस्टल का 10 रुपये वाला कमरा 300 में और 20 रुपये वाला कमरा 600 में अफोर्ड नहीं कर पाएंगे. JNU प्रशासन मान गया और फीस स्ट्रक्चर को रिवाइज्ड कर दिया गया.

अब 20 रुपये वाले सिंगल कमरे के लिए 200 रुपये और 10 रुपये वाले डबल सीटर कमरे के लिए 100 रुपये देंगे होंगे. लेकिन छात्रों ओ ये मंजूर नहीं. वो 10 रुपये से एक पैसा ज्यादा देने को तैयार नहीं. लिहाजा विरोध प्रदर्शन मर्यादों को पार कर गया. पूरे यूनिवर्सिटी की दीवारों को अभद्र नारों से रंग दिया गया. वीसी के नेमप्लेट पर कालिख पोत दी गई. वीसी के लिए अभद्र टिप्पणियां लिखी गई, “वीसी गेट लॉस्ट”…. “गो बैक टू योर संघ”. जब इतने से भी मन नहीं भरा तो स्वामी विवेकानंद कि प्रतिमा के नीचे भी अभद्र नारे लिख दिए दिए गए जिसे देख कर आप सोच में पड़ जायेंगे कि ये ज्ञान का केंद्र है या शहर की कोई बदनाम गली. प्रतिमा के नीचे लिखा गया है “F%$k BJP”भगवा जलेगा. स्वामी विवेकानंद के प्रतिमा का जल्द ही लोकार्पण होने वाला था.

तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है और JNU के छात्रों को जम कर कोसा जा रहा है. तस्वीरें देख कर आप खुद समझिये कि ये यूनिवर्सिटी कैम्पस है या अराजक तत्वों का अड्डा. स्वामी विवेकानंद पार्टी और धर्म से परे हैं लेकिन जब कोई JNU से हासिल किया हुआ ज्ञान और हासिल की हुई परवरिश और संस्कारों के दर्शन कराने पे आमादा हो वो ऐसे ही वीभत्स दृश्य देखने को मिलते हैं. आइये और आप भी दर्शन कीजिये JNU के सभ्यता और संस्कृति का. क्योंकि यहाँ संस्कारों और ज्ञान पर मुफ्तखोरी हावी है, गुंडई हावी है.