इस्लामिक देशों के साथ भारत के और प्रगाड़ होते संबंध, पहली बार OIC में सुषमा स्वराज को UAE से आमंत्रण

आतंकवाद का संरक्षणकर्ता और उसे बढ़ावा देने वाला पाकिस्तान अब यकीनन पछता रहा होगा.. अब देखिये ना यूनाइटेड नेशंस सिक्यूरिटी काउंसिल ने भारत को पुलवामा हमले में शहीद जवानों के गुनाहगारों और उन्हें सहयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के लिए खुली छूट और पूरा सहयोग देने का फैसला लिया है.. तो अभी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वैश्विक शान्ति और आर्थिक सहयोग के लिए विश्व विख्यात सोल शान्ति प्राइज से नवाज़ा गया है.. लेकिन अब जो खबर हम आपको देने वाले हैं उसने पाकिस्तान के होश उड़ा दिए हैं… UAE यानि यूनाइटेड अरब अमीरात की organistion of Islamic cooperation (OIC) ने अपने 46वें सेशन मीटिंग में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को गेस्ट ऑफ़ ऑनर के तौर पर निमंत्रण दिया है, ये निमंत्रण खुद UAE के क्राउन प्रिंस HIS HIGHNESS शेख अब्दुल्लाह बिन ज़ायेद अल नाहयान ने भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को दिया जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया.

आपको बता दें कि यह कोई छोटी बात नहीं है क्यूंकि 1969 में OIC की मीटिंग में भारत को शामिल नहीं होने दिया था इसे हिन्दू बाहुल्य राज्य बोलकर… बावजूद इसके कि हिंदुस्तान में उस वक़्त भी पाकिस्तान से ज्यादा मुस्लिम थे.. उस वक़्त पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल याह्या खान ने मोरक्को के रबात में ओआईसी के फाउंडेशन प्रोग्राम में पूर्व भारतीय कृषि मंत्री फखरुद्दीन अली अहमद की उपस्थिति पर आपत्ति जताई थी और अन्य सदस्य देशों को पाकिस्तान के पक्ष में झुकना पड़ा था।

तब से आज तक भारत इस मीटिंग का हिस्सा नहीं बना ये पहली बार है जब OIC की मीटिंग में हिंदुस्तान की हिस्सेदारी होगी वो भी AS A GUEST OF HONOUR

भारत को यह निमंत्रण ऐसे वक़्त पर आया है जब भारत पुलवामा हमले में मारे गए CRPF जवानों के खिलाफ पाकिस्तान को कूटनीतिक तरीके से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर घेरने की कोशिश कर रहा है, UAE हमेशा से पाकिस्तान के साथ खड़ा होता आया है और कश्मीर के मुद्दे पर भी इस्लामाबाद के साथ रहा है.. ऐसे में दोस्ती का हाथ बढ़ाये जाने पर उम्मीद जताई जा रही है कि UAE की यह पहल ना केवल भारत और UAE बल्कि अन्य इस्लामिक देशों के साथ भी भारत के रिश्ते मजबूत बनाएगी.

OIC यानि आर्गेनाईजेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन में 57 इस्लामिक देश शामिल हैं जिसमें पाकिस्तान एक अहम सदस्य है.. तो ज़ाहिर है कि OIC की 46वी मीटिंग में भारत को गेस्ट ऑफ़ ऑनर के तौर पर निमंत्रण देने पर पाकिस्तान की भंवे ज़रूर तन गई होंगी, UAE के इस इनविटेशन को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने स्वीकारा है और भारत में रहने वाले 185 मिलियन मुस्लिम लोगों की तरफ से भी UAE को आभार व्यक्त किया है..

OIC के मंच पर भी भारत आतंकवाद के मुद्दे को उठाएगा और इस पर अहम फैसला लिया जाएगा क्यूंकि ना केवल भारत बल्कि कई अन्य देश भी पाकिस्तान के आतंकवाद को समर्थन देने से नाराज़ हैं अभी हाल ही में अफ़ग़ानिस्तान ने भी यूनाइटेड नेशंस सिक्यूरिटी काउंसिल को पाकिस्तान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराइ है और लिखा है कि पाकिस्तान के तालीबान से संबंध सरकार की शांती बनाए रखने की कोशिशों को कमजोर कर रही हैं। पाकिस्तान के दखल को अफगानिस्तान ने यूएन सिक्योरिटी काउंसिल रेजोल्यूशन 1988 के खिलाफ बताया है, खुद अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प ने भी पाकिस्तान और चीन को चेतावनी दी है और कहा है कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना और उनकी मदद करना बंद करे, इतना ही नहीं अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल से फोन पर बात भी की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि हमले के बाद भारत जो भी जवाबी कार्रवाई करता है, अमेरिका उसके साथ है। 

आतंक के खिलाफ भारत की लड़ाई अब अंतर्राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है और पाकिस्तान हर तरफ से घिर गया है.. ऐसे में भी अब अगर वो भारत का सहयोग नहीं देगा और आतंक के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं करता है तो ज़ाहिर है ना केवल हिंदुस्तान बल्कि पूरे विश्व से पाकिस्तान को विरोध का सामना करना पड़ेगा जिसका अंजाम यकीनन बहुत खतरनाक होगा

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