सुषमा स्वराज ने कहा 2009 के मुकाबले मसूद अज़हर को बैन करने में भारत के साथ अब ज़्यादा देश

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जैश ए मोहम्मद का सरदार और पुलवामा हमले में हमारे 40 जवानों की शहादत का जिम्मेदार मसूद अजहर, एक बार फिर शिकंजे में आते आते बच गया. भारत और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसे ग्लोबल आतंकी घोषित करने की पूरी तैयारी कर ली थी. लेकिन ऐन मौके पर चीन ने इस प्रस्ताव पर वीटो कर दिया और मसूद अज़हर को एक बार फिर बचा लिया चीन जहाँ बार बार पाकिस्तान प्रोषित आतंकी मसूद अजहर को क्यों बचा रहा है. वही भारत सरकार भी इससे हार नहीं मानेगी… क्यों की विदेश मंत्रालय ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने का प्रस्ताव रद्द होने के बाद कहा की हमारी लड़ाई अभी जारी रहेगी… मसूद अजहर भारत में हुए कई आतंकी हमलों में शामिल है.

उसे आतंकवादी घोषित करने तक हम हर संभव रास्ता अपनाएंगे..वही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा की भले ही मसूद अज़हर को बैन करने में चीन ने हमारा साथ ना दिया हो लेकिन अब हमारे साथ ज़्यादातर देश खड़े हैं. हम हर मुमकिन कोशिश करेंगे उसको ग्लोबल आतंकी घोषित करने के लिए कि साल था 2009 और UPA सरकार के दौरान मसूद अज़हर पर बैन लगाने का प्रस्ताव UNSC में भेजा गया. लेकिन उस समय कोई भी देश भारत के सपोर्ट में नहीं था. वो लिखती है, ”मैं मसूद अज़हर के बारे में कहना चाहती हूं कि चार बार पर उस पर बैन लगाने की कोशिश की गई है… लेकिन साल 2009 में जब यूपीए ने UNSC में मसूद अज़हर को बैन करने का प्रस्ताव रखा तो उस वक्त भारत इकलौता देश था… साल 2016 में अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने इस मुद्दे पर भारत का समर्थन किया था…इस बार यानी 2019 में UNSC में 15 में से 14 सदस्य देश भारत के साथ खड़ा था. इसके अलावा UNSC के गैर सदस्य देश ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, इटली और जापान ने भी भारत का साथ दिया.

अब सवाल ये उठता है कि एक सवाल ये भी है कि आखिर चीन पूरी दुनिया से झगड़ा मोल लेकर मसूद अजहर जैसे आतंकी को बार बार क्यों बचा रहा है. जानकारों की मानें तो इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा,यानि CPEC China–Pakistan Economic Corridor ये चीन के वन बेल्ट बन रूट हा हिस्सा है ,चीन ग्वादर बंदरगाह के लिए ,हाईवे ,रेलवे लाइन ,गैस पाईप लाइन्स ,हाइड्रो पॉवर प्लांट्स , एयरपोर्ट्स का निर्माण किया जायेगा इस प्रोजेक्ट कि कुल लागत लगभग करीब 46 BILLION DOLLAR की है जो बढ़ भी सकती है..पर भारत सरकार की साफ़ नीति है की अब आतंकवाद और आतंकी गतिविधियों के साथ हम कोई भी समझौता नहीं करने वाले.