साल का पहला सूर्य ग्रहण आज,जानिए क्या हैं इसकी खास बातें

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उल्लेखनीय है कि चंद्रमा का आगे वाला हिस्सा हमेशा धरती के सम्मुख होता है और वहा कई समतल क्षेत्र हैं। इस पर उतरना आसान होता है, लेकिन इसकी दूसरी ओर की सतह का क्षेत्र पहाड़ी और काफी ऊबड़-खाबड़ है।1959 में पहली बार सोवियत संघ ने चंद्रमा की दूसरी तरफ की सतह की पहली तस्वीर ली थी, लेकिन अभी तक कोई भी चंद्र लैंडर या रोवर चंद्रमा की विमुख सतह पर नहीं उतर सका था।

Partial Lunar Eclipse 2019 आंशिक सूर्य ग्रहण का समय शुरू हो गया है।इस आंशिक सूर्य ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकेगा। भारतीय समय के अनुसार सूर्यग्रहण सुबह 5 बजकर 4 मिनट से शुरू होकर 9 बजकर 18 मिनट तक चला।यहां ये आपको इससे जुड़ी दो बातें बतानी जरूरी हैं। पहली- एक तो ये आंशिक सूर्य ग्रहण (Partial Solar Eclipse) है।  यह खंडग्रास सूर्यग्रहण केवल दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में ही दिखाई देगा। जिन क्षेत्रों में ये ग्रहण दिखाई देगा, सिर्फ वहीं इससे जुड़े नियम मान्य और प्रभावी होंगे।


दूसरी- ये भारत में दिखाई नहीं देगा। लगभग 3 घंटे 18 मिनट के यह आंशिक सूर्यग्रहण सुबह 9.18 बजे तक रहा। यह ग्रहण चीन, मंगोलिया, जापान, रूस और अलास्का के कुछ हिस्सों में दिखा। भारत में यह दिखाई नहीं दिया, लेकिन इसका सूतक काल माना जा रहा है।आखिर क्या है आंशिक सूर्यग्रहन पृथ्वी और चंद्रमा, सूर्य के सीध पर हों और चंद्रमा, पृथ्वी और सूरज के बीच से गुजर रहा है, तो तब ग्रहण की स्थिति बनती है। चंद्रमा, पृथ्वी और सूरज
के बीच आने से सूरज का कुछ हिस्सा नजर नहीं आता है। जिसे आंशिक सूर्य ग्रहण कहा जाता है। लोगों में यह जानने की उत्सुकता है कि
अगर जनवरी में पड़ने वाले ये दोनों ही ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देंगे तो इसके बाद किस महीने या कब ग्रहण पड़ेंगे। तो बता दें कि जनवरी के बाद सीधे जुलाई में जाकर दो ग्रहण पड़ेंगे। यह प्रथम सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दे रहा है इसलिए इसका राशियों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
साल में कुल तीन सूर्य ग्रहण लगेंगे। इनमें से 6 जनवरी के बाद 3 जुलाई को दूसरा और तीसरा सूर्य ग्रहण साल के अंतिम सप्ताह में 26 दिसंबर को लगेगा।

चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, इसीलिए इसे देखने के लिए कोई खास उपाय करने की जरूरत भी नहीं बताई जा रही है।राशिफल के मुताबिक यह ग्रहण धनु राशि पर अपना प्रभाव डालेगा।खासतौर पर ज्योतिषी के नजरिए से। तो आपको बता दें कि कुल 2 घंटे 19 मिनट तक यह जारी रहेगा। मोटे तौर पर इसे आप सवा दो घंटे मान सकते हैं। अब प्रभाव की बात करें तो चूंकि ये भारत में नजर नहीं आएगा,इसलिए इसका प्रभाव भी यहां नजर नहीं आएगा। शनि अमावस्या के खगोलीय संयोग से संबंधित क्षेत्र में सामाजिक, राजनैतिक अस्थिरता के योग बन सकते हैं हालांकि भारत में ग्रहण नहीं दिखाई देने से इसका असर न्यून रहेगा।


तो आपको बता दें कि कुल 2 घंटे 19 मिनट तक यह जारी रहेगा। मोटे तौर पर इसे आप सवा दो घंटे मान सकते हैं। अब प्रभाव की बात करें तो चूंकि ये भारत में नजर नहीं आएगा, इसलिए इसका प्रभाव भी यहां नजर नहीं आएगा।