सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानी पीएम मोदी और हमारी जुबानी

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सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानी हमारी और पीएम मोदी की ज़ुबानी। उरी हमले ने तो मानो पूरे देश को हिलाकर रख दिया था, उरी हमले में पाकिस्तान ने हमारे 16 सैनिकों को जिंदा जलाया था जिससे पूरे देश मे आक्रोश फैला था,पूरे देश से बस एक ही आवाज उठ रही थी कि अब बदला लेना ही चहिए, इतना सबको पता था कि पाकिस्तान हमारे एक वार से सुधर तो नही जाएगा लेकिन फिर भी अब वक्त बदला लेने का था। सीक्रिट मीटिंग का दौर शुरू हुआ।

सेना के अधिकारियों के भीतर गुस्सा बहुत ज्यादा था वो हर हाल में बदला लेना चाहते थे। इस गुप्त मीटिंग में हमले की तैयारी करने की बात डिसाइड हो गयी। सरकार ने सेना को खुली छूट दे दी लेकिन ये सब कुछ बहुत सतर्कता के साथ हो रहा था इसी का परिणाम था कि दो बार हमले की तारीख बदली गयी। हमले के लिए तैयारी की जाने लगी।

इसके लिए बाकायदा देश के चुनिंदा सैनिकों को तैयार करके उन्हें ट्रेनिंग दिलाई गई। कौन कहाँ किस पोजिशन में रहेगा,मौसम में क्या क्या रुकावटें आ सकती है। ये सब भी इसी दौरान तय कर लिया गया। प्रधानमंत्री मोदी मिशन पर जाने वाले जवानों की सुरक्षा के प्रति काफी चिंतित थे इसके लिए सभी के लिए पर्याप्त व्यवस्थाओं का इंतजाम किया गया और उन्हें सूर्योदय से पहले वापिस आने को कहा गया। अत्याधुनिक हथियारों से लैस जवानों की वेल ट्रेंड टीम अमावस्या की रात अपने मिशन पर निकल चुकी थी। रास्ते मे आने वाली तमाम मुश्किलों को पार करके हमारी टीम दुश्मन के ठिकाने तक पहुँच चुकी थी। दुश्मन पर कड़ी निगाह रखने के बाद आखिरकार भारतीय सेना ने पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। आतंकियों के कई ठिकानों को उड़ा दिया गया,कई आतंकी मारे गए मिशन पूरा हो गया था,जब टीम वापिस आ रही थी तभी एक जवान का पांव माईन पर पड़ा और उसका पंजा घायल हो गया।

इधर टीम वापिस आने लग रही थी उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चिंता लगातार बढ़ रही थी। चिंता होने को वजह भी बड़ी साफ सी थी क्योकि सुबह से अचानक मिशन पर गए जवानों की तरफ से इनपुट का मिलना बंद हो गया था। वो भले ही लाइव कॉन्सर्ट में थे लेकिन उनका ध्यान मिशन में ही लगा था। धीरे धीरे मिशन पर गए सभी लोग कामयाबी हासिल करके हमारी देश की धरती पर वापिस आ गए ।

ये जीत महज जीत ही नही थी बल्कि पाकिस्तान के उस दावे फर्जी दावे की भी हार थी जो वो लगातार भारत के खिलाफ करता आया था। ये जीत बहुत शानदार थी और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए इसके काफी मायने थे। भारत की इस कामयाबी ने जहां हमारे देश की सेना के शौर्य और अदम्य साहस को दुनिया के सामने रखा वही अपने पाक साफ होने का दावा करने वाले “नापाक” पाकिस्तान के आतंकियों के पनाहगार चेहरे को भी दुनिया भर में बेनकाब कर दिया।