वो हमले जो दुनिया के सबसे बड़े स्ट्राइक में हो गए शामिल

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14 फरवरी को हुए आंतकी हमले के बाद देश को बस चाहिए था बदला और आज भारतीय सेना ने कार्रवाई करते हुए पुलवामा का बदला ले लिया है..दरअसल भारतीय वायुसेना ने सीमा पर छुपे बैठे जैश ए मोहम्मद के आतंकियों के खिलाफ बीती रात बड़ी कार्रवाई की है. इस कार्रवाई में 300 से ज्यादा आतंकियों की ढेर होने की संभावना है. भारतीय वायुसेना का यह ऑपरेशन सिर्फ 21 मिनट का था. इस 21 मिनट में भारतीय 12 मिराज फाइटर ने पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में हमला किया. भारतीय वायुसेना की ओर से लगभग 1000 किलो बम का इस्तेमाल भी किया गया है..इसे भारत का दूसरा सर्जिकल स्ट्राइक कहा जा रहा है. इससे पहले 2016 में उड़ी हमले के बाद भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था. इस हमले के दौरान 38 आतंकवादी मारे गए। वहीं, आतंवादियों के 7 ठिकाने भी नष्ट कर दिए।

दुश्मन को उसी के घर में घुसकर मार गिराना इसी को तो कहते है सर्जिकल स्ट्राइक..एक तय वक्त, हमला करने का सीमित दायरा, कमांडो की एक छोटी टुकड़ी. बड़े हथियारों के बजाए छोटे-छोटे हथियारों का इस्तेमाल. और सबसे महत्वपूर्ण ये कि छोटे हमले में दुश्मन को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाना. तो इसी कड़ी आइए आपको बताते है दुनिया की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक्स के बारे में….

म्यांमार में भारतीय सेना का ऑप्रेशन

4 जून 2015 को नैशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड यानि की NSCN के उग्रवादियों ने मणिपुर के चंदेल में फौज की टुकड़ी पर हमला किया था. इस आतंकी हमले में 18 जवान शहीद हुए थे.10 जून 2015 को इस हमले का बदला लेने के लिए भारतीय जवानों ने म्यांमार की सीमा में घुसकर 40 मिनट के ऑपरेशन में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था. तब फौज ने म्यांमार में दाखिल होकर आतंकी संगठन NSCN के टेरर कैंप को तबाह किया था। जानकारी के मुताबिक इस सफल सीमापार ऑपरेशन में हताहत आतंकिओं की संख्या 158 तक है।

पाकिस्तान में ओसामा बिन लादेन की हत्या

आज से 18 साल पहले यानी 11 सितंबर 2001 को न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला हुआ था, हमले ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया था. इस हमले में लगभग 3 हजार लोगों की मौत हुई थी. लादेन के आतंकी संगठन अल क़ायदा ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की दो इमारतों को अगवा किए गए विमान से उड़ा दिया. 9/11 के इस हमले के बाद से अमेरिकी खुफिया एजेंसियां पागलों की तरह ओसामा बिन लादेन की तलाश में जुट गईं.

लादेन पाकिस्तान के एबटाबाद में छिपा बैठा था. अमेरिका ने उसे खत्म करने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक की खुफिया रणनीति बनाई. मई 2011 में अमेरिका के सबसे खतरनाक कमांडो कहे जाने वाले सील की टुकड़ी, दो हेलीकॉप्टर में सवार होकर रात के अंधेरे में एबटाबाद पहुंची. इसके बाद थोड़ी देर तक लादेन का मकान गोलियों और बमों की तड़तड़ाहट से थर्राता रहा. गोलियों की आवाज़ तभी थमी जब अमेरिकी फौज ने लादेन को मार गिराया. इसके बाद अमेरिकी कमांडो जैसे आए थे, वैसे ही लौट गए.

इजरायल ने युगांडा में किया था ऑपरेशन एंतेब्बे

जून 1976 में अपने बंधक नागरिकों को छुड़ाने के लिए इजरायल ने युगांडा में जाकर जिस दुस्साहसी अभियान को अंजाम दिया था वह एक अतुलनीय मिसाल है..इजरायल ने युगांडा के एंतेब्बे एयरपोर्ट पहुंचकर अपने बंधक नागरिकों को छुड़ाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक की थी. इजराइली सैनिक ऑपरेशन शुरू होने के 20 मिनट बाद ही अपहरणकर्ताओं का खात्मा कर, अपने नागरिकों को लेकर लौट गए थे. इस ऑप्रेशन में सात अपहरणकर्ता, 20 युगांडाई सैनिक और सिर्फ एक इजरायल का सैनिक मारा गया था.

ऑपरेशन ईगल क्लॉ

ईरान ने अमेरिका पर उसके घरेलू मामलों में दखल देने का आरोप लगाते हुए उसके दूतावास को बंद कर दिया था. जिसके बाद अमेरिका ने ईगस क्लॉ ऑप्रेशन, ‘अमेरिकी दूतावास पर कब्जा कर बंधक बनाए गए’ अपने नागरिकों को छुड़ाने के लिए चलाया था. फिर अमेरिका ने रेस्क्यू ऑपरेशन कर बंधक बनाए नागरिकों को छुड़ाने का प्लान बनाया.

इस मिशन के तहत अमेरिकी सैनिक 24 अप्रैल 1980 की रात अपने टारगेट की तरफ निकले. अचानक आए रेत के तूफ़ान ने उन्हें कमजोर कर दिया. उन्हें लौटना पड़ा. इस हादसे में करीब आठ अमेरिकी सैनिक मारे गए. फिर वह मिशन कैंसिल कर दिया गया. सभी सैनिक वापस बुला लिए गए.

बे ऑफ पिग्स इवेशन

1961 में अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी ने सीआईए-एलईडी को क्यूबा पर आक्रमण का आदेश दिया। फिदेल कास्त्रो सरकार को उखाड़ फेंकने के सैन्य मिशन का विनाशकारी अंत हुआ था। इस अभियान में 100 से अधिक सैनिक मारे गए थे।