शाहीन बाग में बच्चे की मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कुछ ऐसा

1054

दिल्ली का शाहीन बाग पिछले कई महीने से सुर्खियों में बना हुआ है. उसका कारण है की लोग सीएए और एनपीआर को लेकर धर’ना प्रद’र्शन कर रहे है. सुप्रीम कोर्ट ने आज ही शाहीन बाग पर अपने आदेश में कहा कि लोग शाहीन बाग की रोड़ को इतने दिन तक कोई नही घेर सकता है. सुप्रीम कोर्ट ने वहां पर धर’ना देने वाले लोगों से पूछा है कि जिस 4 महीने के बच्चे की मौ’त धर’ने के दौरान हुई थी उस पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है. शाहीन बाग में प्रद’र्शन के दौरान जिस 4 महीने के बच्चे की मौत होने पर शीर्ष अदालत ने खुद ही संज्ञान लिया था.

शीर्ष अदालत ने शाहीन बाग में चल रहे प्रद’र्शन को लेकर जो छोटे बच्चे की मौ’त हुई थी. उसके उपर एक वीरता पुरस्कार जीतने वाले बच्चे ने शार्ष अदालत को पत्र लिखा था. जिसको लेकर बाद में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया था. आपको बता दें कि शाहीन बाग प्रद’र्शन में एक 4 महीने के बच्चे की सर्दी से मौत हो गई थी.शाहीन बाग में बच्चों को धर’ना-प्रद’र्शन में शामिल होने पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि ‘यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि चार महीने के एक बच्चे की मौ’त हुई है.’ जो काफी तक’लीफ देय था.

चीफ जस्टिस एस ए बोबड़े ने कहा किसी बच्चे को स्कूल में पाकिस्तानी कहा गया है. यह विषय कोर्ट के समक्ष खास नही है. सीजेआई ने आगे कहा कि ‘हम इस समय NRC, NPA या किसी बच्चे को पाकिस्तानी कहने पर सुनवाई नहीं कर रहे हैं.’ सीजेआई की अध्यक्षता वाली पीठ ने स’ख्त टिप्प’णी करते हुए कहा कि ‘अदालत मदरहुड का सम्मान करती है, लेकिन हमें ये बताएं कि क्या 4 महीने का बच्चा खुद प्रो’टेस्ट कर सकता है. जब तक उसके घर वाले उसको धर’ना स्थल पर ना ले जायें.


अपनी बात में अगे ये कहा कि बच्चे की मौत को लेकर सीजेआई ने कहा कि  ‘हम किसी की आवाज नहीं दबा रहे हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट में बेवजह की बहस नहीं करेंगे.’ सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व दिल्ली सरकार को इस मामले पर नोटिस जारी करते हुए 4 हप्ते में सरकारे अपना जवाब दर्ज करें.

दरअसल, शाहीन बाग में सीएए के खि’लाफ प्रदर्शन में शामिल इन महिलाओं का पक्ष रखने के लिए कई वकील मौजूद थे. उन सब वकीलो का कहना था कि ‘बच्चो को प्रद’र्शन करने का हक है और कई बच्चे सीएए और एनआरसी के चलते डिटें’शन सेंटर में म’र रहे हैं.’लेकिन वकील ने जो दलील दी है वो समझ से परे है, क्योकि क्या 4 महीने का छोटा बच्चा जिसको कुछ भी नही पता है वो कैसे प्रद’र्शन कर सकता है. इसका जवाब वकील ही दे सकता है जिसने ऐसा कहा है कि बच्चे भी प्रदर्शन कर सकते है.