निर्भया के दो’षी की पुनर्विचार याचिका खारिज, अब हो के रहेगी फां’सी

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सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया के दो’षी की पुनर्विचार खारिज कर दी. कोर्ट ने चारों दो’षियों में एक अक्षय की पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए कहा कि कोर्ट ने बचाव का पूरा मौका दिया है. ट्रायल और जांच सही हुई है और उसमें कोई खामी नहीं है. कोर्ट के इस फैसले के बाद अब निर्भया के दो’षियों को फां’सी मिलने का रास्ता साफ़ हो गया है.

इससे पहले कोर्ट में सुनवाई के दौरान दो’षी अक्षय ठाकुर के वकील ने कोर्ट में ऐसी ऐसी दलीलें दी जिसे सुनकर कोई भी अपना माथा पीट ले. उन्होंने वेद पुराण से लेकर त्रेता युग और द्वापर युग तक का जिक्र किया और फां’सी की सजा टलवाने की कोशिश की. जस्टिस भानुमति की अगुआई वाली बेंच के सामने सलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि किसी भी सूरत में इस अप’राध को माफ नहीं किया जा सकता। जबकि बचाव पक्ष के वकील एपी सिंह ने वेद- पुराण का हवाला देते हुए कहा कि, “कलयुग में लोग केवल 60 साल तक जीते है जबकि दूसरे युग में और ज्यादा जीते थे. दिल्ली में वायु प्रदूषण और पानी की गुणवत्ता बेहद खराब है, ऐसे में फां’सी की सजा क्यों. एक दिन तो खुद ही म’र जाएगा. इसलिए अक्षय को फां’सी नहीं दी जाए.

इसके अलावा दो’षी के वकील ने ये भी कहा कि “नैतिक मानवाधिकार का कहना है कि फां’सी से सिर्फ अप”राधी मरता है अप’राध नहीं. भारत में जीवन को पवि’त्र माना गया है. फां’सी देना हिं’सा का कार्य है. मौ’त की सजा सिर्फ गरीबों को मिलती है. अमीर कभी फां’सी पर नहीं चढ़ते.

इसपर सलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह अप’राध ऐसा गंभीर है जिसे भगवान भी माफ नहीं कर सकता जिसमें सिर्फ फां’सी की सजा ही हो सकती है. अब सुनवाई पूरी हो चुकी है. दोपहर 1 बजे फैसला सुनाया जाएगा.