क्रि’मिनल को टिकट देने वाले राजनीतिक दलों पर सुप्रीम कोर्ट ने चलाया डंडा, दिया ये बड़ा आदेश

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चुनाव में क्रि’मिनल्स को टिकट देना आम बात है. हर राजनीतिक पार्टियाँ क्रि’मिनल्स को टिकट देती है. लेकिन कोई उनसे ये सवाल नहीं करता कि वो ऐसा क्यों करती है? लेकिन अब पार्टियों को जवाब देना होगा. उन्हें बताना होगा कि उन्होंने कितने क्रि’मिनल्स को टिकट दिया और ऐसी क्या मजबूरी थी कि उन्हें टिकट देना ही पड़ा. इस सम्बन्ध में सुप्रीम कोर्ट ने देश की सभी राजनीतिक पार्टियों को बड़ा आदेश दिया है.

गुरुवार को सुप्रीम को ने राजनीति के अपरा’धीकरण पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी राजनीतिक दलों को निर्देश दिया कि वे अपनी वेबसाइट पर सभी उम्मीदवारों की जानकारी साझा करें. इसमें उम्मीदवार पर दर्ज सभी आपराधिक केस, ट्रायल और उम्मीदवार के चयन का कारण भी बताना होगा. यानी राजनीतिक दलों को ये भी बताना होगा कि आखिर उन्होंने एक क्रि’मिनल को उम्मीदवार क्यों बनाया है. कोर्ट ने ये भी आदेश दिया कि टिकट देने के 72 घंटों के भीतर पार्टियों को चुनाव आयोग को ये जानकारी देनी होगी. सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि घोषित किए गए उम्मीदवार की जानकारी को स्थानीय अखबारों में भी छपवानी होगी.

बिहार के एक बाहुबली नेता अनंत सिंह

इस कदम को बड़े चुनावी सुधार के तौर पर देखा जा रहा है. अब तक हर पार्टियाँ क्रि’मिनल्स को टिकट देती थी और इसके लिए पार्टियाँ एक दुसरे पर ही हमले करती थी लेकिन अब उन्हें इसका जवाब जनता को भी देना होगा. इसकी जानकारी जनता को भी देनी होगी कि उन्होंने क्यों किसी क्रि’मिनल को टिकट दिया?

ना सिर्फ क्रिमिनल्स बल्कि ऐसे उम्मीदवारों की जानकारी भी देनी होगी जिनपर कोई मुकदमा नहीं है, कोई FIR नहीं है. ऐसा नहीं करने पर इसे कोर्ट कि आवमानना मानी जायेगी. फिर चुनाव आयोग उसके खिलाफ एक्शन लेने के लिए स्वतंत्र होगा.