एयर इंडिया को सुप्रीम कोर्ट का आदेश, कहा 10 दिन के बाद ना हो फ्लाइट के अंदर इन सीटों की बुकिंग

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कोरोना वायरस की म’हामा’री से परेशान देश अब धीरे-धीरे उभरने की कोशिश में लगा हैं. लेकिन अभी भी देश में लॉक डाउन का चौथ चरण लागू हैं. देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार ने रेलवे फ्लाइट और भी कई मार्किट को खोल दिया है. इन सबके बीच उड्डयन मंत्री ने 25 मई यानी आज से अंतर्राज्य विमान को उड़ान भरने की अनुमति दी हैं.

लेकिन इन सबके बीच कुछ शर्तों के साथ फ्लाइट को उड़ाने की अनुमति दी गई हैं. लेकिन ये कहा गया था कि फ्लाइट के अंदर तीन सीट में बीच वाली सीट को खाली रखना होगा. इसको लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट के मिडिल सीट खाली छोड़ने के आदेश वाली याचिका को एयर इंडिया और केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इसकी सुनवाई जल्द से जल्द की गई क्योकि 25 मई से फ्लाइट को शुरू करना था.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ‘एयर इंडिया को अगले 10 दिनों तक कोरोना म’हामारी के दौरान एयरक्राफ्ट में तीनों सीटों पर यात्रियों को बैठाने कि मंजूरी दी, लेकिन 10 दिनों के बाद उसे बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश का पालन करना होगा जिसमें कहा गया है कि यात्रा के दौरान बीच की एक सीट खाली छोड़नी होगी.’

इस अर्जेंट पिटिशन की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने एयर इंडिया को निर्देश दिया कि वह अगले 10 दिनों तक नॉन शेड्यूल विदेशी उड़ानों के लिए मिडिल सीट बुक कर सकती है.’ चीफ जस्टिस ने कहा कि डीजीसीए के महानिदेशक और एयर इंडिया अगर जरूरी समझते हैं. तो नियमों में छूट ले सकते हैं. लेकिन छूट शर्तों के मुताबिक ही मिलेगी क्योकि कोरोना वायरस का क’हर अभी देश के अंदर जारी हैं तो कोई अपनी मन मानी नहीं कर सकता हैं.