पालघर में साधुओं की नि’र्मम ह’त्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को लगाई फटकार, दिया ये बड़ा निर्देश

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मुंबई के पालघर में पिछले महीने दो साधुओं की नि’र्मम ह’त्या कर दी गई थी.उसके बाद देश के अंदर बहुत बुरी तरह से आक्रो’श था. इसके बाद लोगों ने उद्धव सरकार को भी क’टघरे में खड़ा करना शुरू कर दिया था और साधुओं को लेकर लोगों की मांग थी की जितनी जल्दी हो सके इन्साफ किया जाये. साधुओं की ह’त्या एक तरह का मॉ’ब लिंचिं’ग का मामला था जिसको सुप्रीम कोर्ट में जाँच के लिए भेजा गया था.

इस मॉ’ब लिं’चिंग मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उद्धव सरकार से स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है. इस घ’टना को कोर्ट की निगरानी में एसआईटी या सीबीआई जांच की जाये और इस मामले को दिल्ली ट्रान्सफर कर दिया जाये जहाँ पर ट्रायल चलने की गुज़ारिश की गई थी.


सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने मामले की वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिए सुनवाई की और इस दौरान उस गुहार को सुप्रीम कोर्ट ने ठुकरा दिया है. ‘जिसमें राज्य में चल रही जांच पर रोक लगाने की मांग की गई थी’. सुप्रीम कोर्ट ने आगे  याचिकाकर्ता से ये भी कहा कि ‘वह याचिका की कॉपी महाराष्ट्र सरकार के वकील को मुहैया कराएं’. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को ये आदेश दिया है कि वो 4 हफ्ते के अंदर मामले की जांच संबंधित स्टेटस रिपोर्ट पेश करें.

इस के’स को लेकर याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में ये अर्जी दी थी कि दो साधू सूरत जा रहे थे. पालघर के पास एक गाँव के पास लोगों ने उनपर ह’मला कर दिया और उन साधुओं को बुरी तरह से पी’ट पी’ट कर मा’र डाला. पुलिसकर्मी वहां मौजूद थे उन्होंने भी उनको बचाने की कोशिश नहीं की इसलिए उन पुलिस कम्रियों पर भी के’स होना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट में ये भी कहा गया है कि क्या राज्य सरकार का कोई दायित्व नही बनता है क्या? इसलिए इस पूरे मामले की जांच सीबीआई या फिर एसआईटी को सौंपी जायें.ये घ’टना नही होती अगर पूलिस वाले साधुओं का साथ देते, लेकिन पुलिस की लापरवाही की वजह से आज उन साधुओं की नि’र्मम ह’त्या कर दी गई और पुलिस खड़ी तमाशा देखती रही. इसलिए जो भी लोग इस ह’त्या में सामने आये है. उन सबको स’ज़ा मिलनी चाहिए.