NPR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, विपक्ष को एक बार फिर लगा जोरदार झटका

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बीते महीने सरकार ने जनगणना के लिए NPR अपडेट किये जाने का ऐलान किया तो हर बार की तरह इस बार भी विपक्ष, वामपंथी और मुस्लिम संगठन इसके खिलाफ खड़े हो गए. NPR को भी मुस्लिम विरोधी बताया जाने लगा जबकि सच ये था कि NPR को अपडेट करने का ऐलान पहली बार नहीं हुआ है बल्कि मनमोहन सरकार में भी NPR अपडेट किया गया था. तब किसी को कोई आपत्ति नहीं थी. मोदी सरकार ने NPR को अपडेट करने का ऐलान किया तो विपक्ष इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया और इसपर रोक लगाने की गुहार लगाने लगा. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें तगड़ा झटका दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने विपक्ष, वामपंथी संगठन और मुस्लिम संगठनों को करारा झटका देते हुए कहा कि NPR पर रोक नहीं लगाई जायेगी. साथ ही कोर्ट ने एनपीआर के सम्बन्ध में केंद्र सरकार को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं.

क्या है एनपीआर एनपीआर का पूरा नाम नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर है. इस रजिस्टर में देश के नागरिकों के रिकॉर्ड होंगे. एनपीआर अपडेट करने के लिए घर घर जा कर लोगों की जनगणना की जायेगी और उनकी जानकारी जुटाई जायेगी और इन्ही जानकारियों से NPR अपडेट किया जाएगा. ये प्रक्रिया 1 अप्रैल 2020 से 30 सितम्बर 2020 तक चलेगी. इसका मकसद देश के प्रत्येक नागरिक का एक डाटाबेस तैयार करना है जो जनसांख्यिकीय और बायोमीट्रिक आधार पर तैयार होगा.