मध्य प्रदेश में सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस को सुप्रीम कोर्ट ने दिया एक और तगड़ा झटका

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देश में भले ही लॉकडाउन की वजह से सन्नाटा पसरा है लेकिन सुप्रीम कोर्ट में विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जरूरी मामलों पर सुनवाई जारी है. ऐसी ही एक सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस को जोरदार झटका दिया है. दरअसल ये सुनवाई मध्य प्रदेश में पिछले महीने हुई उठा पटक को लेकर हो रही थी.

जिस वक़्त मध्य प्रदेश में सियासी उथल पुथल मचा हुआ था उस वक़्त राज्यपाल लालजी टंडन ने जल्द से जल्द फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया था. लेकिन सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो स्पीकर ने कोरोना वायरस का बहाना बनाते हुए सदन को स्थगित कर दिया था. उसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया. उसी मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया. सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस को झटका देते हुए कहा है कि सियासी उथल पुथल के दौरान राज्यपाल के द्वारा फ्लोर टेस्ट का आदेश देना सही था. कोर्ट ने कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवी के इस तर्क को खारिज कर दिया कि राज्यपाल ऐसा आदेश नहीं दे सकते है.

कांग्रेस ने राज्यपाल के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल किया था कि फ्लोर टेस्ट कब हो इसका आदेश देने का अधिकार सिर्फ स्पीकर का है, राज्यपाल का नहीं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा राज्यपाल ने तब खुद को निर्णय नहीं लिया, बल्कि सिर्फ फ्लोर टेस्ट कराने को कहा. कोर्ट ने इस दौरान राज्यपाल के अधिकारों को लेकर एक विस्तृत आदेश भी जारी किया.

मध्य प्रदेश में मार्च के महीने में मचे जबरदस्त उथल पुथल के बाद जब सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया था तब कमलनाथ ने फ्लोर टेस्ट से पहेल ही अपना इस्तीफ़ा दे दिया था.