पालघर में साधुओं की ह’त्या के मामले में सीबीआई जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से माँगा जवाब

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महाराष्ट्र गठबंधन की सरकार बनने के बाद महाराष्ट्र में साधुओं की ह’त्या का सिलसिला जारी है. कुछ महीने पहले महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं की मा’र-मा’र  कर निर्म’म ह’त्या कर दी गई थी. उसके कुछ दिन बाद फिर से ऐसी ही घ’टना को अंजाम दिया गया था. महाराष्ट्र में जबसे उद्धव सराकर ने सत्ता संभाली है तबसे वहां पर रावण रा’ज चल रहा हैं.

महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं की ह’त्या के मामले में ये कहा गया था कि इसकी  जांच एनआईए या सीबीआई को करने के लिए दिया जाये. जिसके बाबत में सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार समेत अन्य पक्षकार को नोटिस जारी किया हैं.  इन याचिकाओं में साधुओं के परिजनों और जूना अखाड़ा समेत घनश्याम उपाध्याय नाम के एक शख्स ने NIA जांच की मांग की है.

इससे पहले इस मामले की सुनवाई एक मई को सुप्रीम कोर्ट में हुई थी. जिसमें कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को जांच की स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था. जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच  ने इस मामले में महाराष्ट्र सरकार को चार हफ्ते में जवाब देने के लिए कहा था. पुलिस के अनुसार, अब तक इस मामले में 100 से अधिक लोगों को हि’रासत में लिया गया है. महाराष्ट्र के पालघर में साधुओं की ह’त्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. जिसमे कहा गया था कि उन्हें महाराष्ट्र सरकार और पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है क्योंकि, इस मामले में श’क की सूई पुलिस पर ही है. ऐसे में पुलिस से सही तरीके से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है. इसलिए जांच सीबीआई से कराई जाए.