SC ने शराब की होम डिलीवरी पर कहा “हम कोई आदे’श पा’रित नहीं करेंगे,लेकिन…”

लॉकडाउन 3.0 शुरू हो गया है और इस बार सरकार ने लॉकडाउन में थोड़ी राहत दी है. जिसके साथ ही सरकार ने शराब की दुकाने खोलने और उनकी बि’क्री की भी इ’जाजत दी है. जिसके चलते सड़कों पर दुकाने के बाहर भारी संख्या में भीड़ देखने को मिल रही है. साथ ही सोशल डिस्टें’स के निय’म का पालन करने के बजाय लोग इसकी जम कर ध’ज्जियाँ उड़ा रहे है.

इन्ही अब हाला’तों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका’कर्ता ने या’चिका लगायी है. जिसमें उसने कहा कि कोरोना म’हामारी के कारण लॉकडाउन चल रहा है. बीमारी का संक्र’मण कम से कम हो इसके लिए सोशल डिस्टें’सिंग जरूरी है लेकिन लॉकडाउन के दौरान शराब की बि’क्री की इजाज’त दी गई और इस दौरान सोशल डिस्टें’सिंग की धज्जि’यां उड़ाई गईं. संक्रम’ण रोकने के लिए सोशल डिस्टें’सिंग जरूरी है. ऐसे में सरकार को नि’र्देश दिया जाना चाहिए कि शराब की बि’क्री दुकानों पर न हो बल्कि इसकी होम डिलिवरी की व्यवस्था होनी चाहिए.

जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मा’मले पर हम कोई आदे’श पा’रित नहीं करेंगे. लेकिन यदि सरकार चाहे तो सरकार को सोशल डिस्टें’सिंग का पाल’न कराने के लिए इसके होम डिलिवरी के जरिये बि’क्री पर विचार करना चाहिए.

जाहिर है शराब की दुकानों के बाहर भरी संख्या में लोगो की भीड़ लगी रहती है. जबकि शराब की सीमित ही दुकाने खोली गयी ही. ऐसे में सोशल डिस्टें’स की धज्जि’याँ उड़ना स्वा’भाविक है. ऐसे में सरकार को होम डिलीवरी के प्र’स्ताव पर विचार करना चाहिए इससे सोश’ल डि’स्टेंस भी बना रहेगा. और कोरोना के संक्र’मण का ख’तरा भी कम होगा.