सुप्रीम कोर्ट ने रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया को लोन वसूलने को लेकर जारी किया नोटिस, कहा इतने दिन में दें जवाब

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कोरोना को लेकर देश में सं’कट बढ़ता जा रहा है. कोरोना की वजह से देश के अंदर लॉक डाउन भी जारी है. इन सबके बीच बैंको को लेकर इस लॉकडाउन में कई खबरे आई हैं. जबकि मोदी सरकार ने लोन, टर्म लोन को लेकर जनता को सहूलियत दी हैं. इसके अलावा मोदी सरकार ने लोगों को ईएसआई में छूद देने का भी ऐलान किया है. तो कभी लोन को लेकर,लेकिन बैंक पर कई तरह के आ’रोप भी लग रहे है.

लॉकडाउन  में बैंक क’र्ज पर ब्याज वसूल रही है. जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचि’का दा’यर की गई है. इस या’चिका को सर्वोच्च अदालत ने स्वीकार कर लिया है और सुप्रीम कोर्ट ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और केंद्र सरकार को नोटिस भेजा है.

इस भया’नक वि’पदा की वजह से देश में किसी तरह की कोई भी कमाई का जरिया नही है. उसके बाद लोग बैंको को कैसे ब्याज देंगे ये दावा याचिका में किया गया था. उच्च न्यायलय में दायर की गई याचिका में कहा गया कि ‘अभी ब्याज वसूलने से बैंकों ने कुछ वक्त के लिए छूट दी है, पहले ये छूट 31 मई तक थी जिसे अब बढ़ाकर 31 अगस्त तक पहुंचाया गया है. लेकिन जब ये ख’त्म होगा तो बैंकों की ओर से बकाया ब्याज वसूला जाएगा, जो गलत है.’

अब मोदी सरकार ने ब्याज देने की अवधी को 3 महीने से बढ़कर 6 महिने कर दिया है. जिस पर वकील राजीव दत्ता ने कहा कि ‘अगर उच्च न्यायलय इस पर ध्यान देगी या फिर अदालत इस पर फैसला लेती है. तो राहत की तरफ कदम बढ सकता है.’ वकील के इस बात के बाद अदालत ने केंद्र सरकार और बैंकों को नोटिस सौंपा है. साथ ही ये भी कहा है कि एक हफ्ते के अंदर इसका जवाब देने के आदेश दिये है.