डॉक्टर की सैलरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘जंग में आप सैनिकों को…’

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कोविड-19 महा’मारी की वजह से पूरी दुनिया में हाहा’कार मचा हुआ हैं. कोरोना के केस कम होने का नाम नहीं ले रहें हैं. इस बीमारी से लड़ने के लिए डॉक्टर नर्स ने अपना सब कुछ त्याग कर लोगों की जा’न बचाई हैं. डॉक्टर के आलावा नर्स के साथ भी लोगों ने बदसलूकी की उसके बाद भी इन लोगों ने कोरोना से संक्रमित लोगों को ठीक किया.

डॉक्टर हो या फिर नर्स सबने अपना फर्ज निभाया है और अभी भी निभा रही हैं. लेकिन इन सबके बीच चिकित्सकों को वेतन का भुगतान नहीं करने और उनके रहने की समुचित व्यवस्था को लेकर उच्च न्यायलय ने सख्त रुक अख्तियार किया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘युद्ध के दौरान आप सैनिकों को नाराज मत कीजिये. थोड़ा आगे बढ़कर उनकी शिकायतों के समाधान के लिये कुछ अतिरिक्त धन का बंदोबस्त कीजिये.’

न्यायालय ने कहा कि ‘स्वास्थ्यकर्मियों के वेतन का भुगतान नहीं होने जैसे मामलों में अदालतों को शामिल नहीं करना चाहिए और सरकार को ही इसे हल करना चाहिए. न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये डॉक्टर की समस्याओं को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की.

पीठ ने कहा कि हमने ऐसी खबरे देखी है जहाँ पर डॉक्टर हड़ताल पर हैं. पीठ ने कहा कि हमे ये भी पता चला है कि दिल्ली में डॉक्टर को तीन महीने से वेतन नहीं दिया गया है. ये बहुत ही दुःख की बात है और सरकार को इसका ध्यान रखना चाहिए था. इसमें न्यायालय की जरुरत नहीं थी. डॉक्टर को वेतन न मिलने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डॉक्टर ने याचिका दायर की थी जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है.