दिल्ली सरकार के अस्पतालों की खुली पोल, श’वों के साथ रह रहें मरीज, सुप्रीम कोर्ट ने ज’मकर लगाईं लताड़

283

कोरोना वायरस को लेकर देश की राजधानी दिल्ली में भी हालात सरकार के हाथ से बेकाबू होते नज़र आ रहें है. दिल्ली के अंदर कोरोना मरीजो की संख्या आये दिन बढ़ती जा रही है. इतना ही नही दिल्ली के स्वास्थ्य सेवाओं की भी हालत ठीक नही है.दिल्ली सरकार जो स्वास्थ्य सुविधा को लेकर दंभ भरती है उसकी पोल खुलती नज़र आ रही है इस कोरोना का’ल के सं’कट में. इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को जमकर लताड़ लगाई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चेन्नई और मुंबई की तुलना में दिल्ली में जांच क्यों कम की जा रही है.

कोरोना मरीजों की वजह से दिल्ली के अंदर मौ’त भी काफि ज्यादा हो रही है और शव के रखरखाव को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार पर सख्त टिप्पणी की है. अदालत ने कहा है कि ‘दिल्ली में और उनके अस्पतालों में बहुत बुरा हाल है. होम मिनिस्ट्री की गाइडलाइंस का अनुपालन नहीं हो रहा है. अस्पताल डेड बॉडी का सही तरह से रखरखाव और निपटारा नहीं कर रही है’.

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करने को लेकर कहा कि ‘अस्पताल में कोरोना की वजह से मौ’त होने के बाद भी अस्पताल के लोग जिनकी मौ’त हो जाती है उनके घर वालो को भी उनकी मौ’त की खबर देना भी उचित नही समझते है. कई ऐसे मामले दिखे हैं जिनमें परिजन अपनों की मौ’त के बाद उनके अंतिम संस्का’र तक में शामिल नहीं हो पाए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से इस मामले में जवाब दाखिल करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने एलएनजेपी अस्पताल की स्थिति को गंभीरता से लिया है और उसे भी जवाब दाखिल करने को कहा गया है.डेड बॉडी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फ’टकार लगाते हुए कहा है कि ये डेड बॉडी के साथ कैसा रखरखाव हो रहा है. जिसको देख कर भी डर लगता है. क्योकि दिल्ली की स्थिति काफि ज्यादा डरा’वनी होती जा रही है.